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मां को हार्ट अटैक आने के बाद गौतम गंभीर इंग्लैंड का दौरा छोड़ वापस लौटे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. टीम इंडिया का साथ बीच में ही छोड़कर गौतम गंभीर वापस इंडिया लौट आए हैं. इसके पीछे की वजह उनकी मां की सेहत का खराब होना है. ऐसी रिपोर्ट है कि उनकी मां को दिल का दौरा पड़ा है. बताया जा रहा है कि गौतम गंभीर की मां फिलहाल ICU में हैं, जहां डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजरें जमाए हैं. भारत आने के बाद गौतम गंभीर के पहले टेस्ट से पहले तक इंग्लैंड वापस लौटने की उम्मीद है.

इंट्रा स्क्वॉड मैच में गंभीर नहीं रहेंगे मौजूद

टीम इंडिया को 13 जून से 16 जून तक इंट्रा स्क्वॉड मैच खेलना था, जिसमें भारत की बेहतरीन कॉम्बिनेशन को तलाशने का काम हेड कोच होने के नाते गौतम गंभीर को करना था. लेकिन अब उनकी गैर-मौजूदगी में ये काम बाकी के सपोर्ट स्टाफ को करना पड़ सकता है. भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मैच 20 जून से हेडिंग्ले में खेला जाएगा. उम्मीद यही है कि गौतम गंभीर के परिवार पर जो संकट आया है वो टल जाए और वो 20 जून से पहले टीम इंडिया को जॉइन कर लें.

टीम इंडिया के लिए गंभीर का लौटना जरूरी

टीम इंडिया को इंग्लैंड दौरे पर गौतम गंभीर की बड़ी जरूरत है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार एक युवा टीम, एक युवा कप्तान की अगुवाई में इंग्लैंड दौरे पर है. ऐसे में गंभीर जैसे कोच का साथ उनके मनोबल हाई बनाए रख सकता है. इस नजरिए से भी गौतम गंभीर का लौटना अहम हो जाता है.

गौतम गंभीर कब तक टीम इंडिया से जुड़ेंगे?

गौतम गंभीर की मां सीमा गंभीर को 11 जून को दिल का दौरा पड़ा था, उसके बाद ही वो दौरा बीच में छोड़कर वापस इंडिया लौट गए थे. इंडिया टुडे की रिपोर्ट में हालांकि इस बात की जानकारी दी गई है कि गौतम गंभीर पहले टेस्ट मैच के शुरू होने से 3 दिन पहले यानी 17 जून तक वापस से टीम इंडिया को जॉइन कर लेंगे. अगर ऐसा है तो ये टीम इंडिया के लिहाज से अच्छी खबर है.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।