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ईडी ने सट्टेबाजी केस में पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना से 9 घंटे की पूछताछ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना बुधवार को नई दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए. ईडी उनसे एक अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कथित धन शोधन मामले में करीब नौ घंटे तक पूछताछ की. 38 वर्षीय रैना सुबह ईडी मुख्यालय पहुंचे और वहां उनसे पूछताछ हुई. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पूछताछ के लिए बुलाया गया था.

सूत्रों के अनुसार, यह मामला 1xBet नामक एक सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़ा है. जांचकर्ताओं का मानना है कि रैना कुछ विज्ञापनों के जरिए इस ऐप से जुड़े हो सकते हैं. एक अधिकारी ने कहा, “हम इस ऐप से उनके जुड़ाव और किसी भी विज्ञापन की प्रकृति को समझने की कोशिश कर रहे हैं.” पूछताछ के दौरान ईडी द्वारा उनका बयान दर्ज किया गया. एजेंसी ऐसे कई सट्टेबाजी ऐप्स की जांच कर रही है. इन प्लेटफॉर्म पर लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है. इन पर बड़े पैमाने पर कर चोरी का भी संदेह है.

ईडी ने सुरेश रैना का बयान किया दर्ज

ईडी के एक अधिकारी ने बताया, “उनके बयान दर्ज कराने के बाद, हम उनके द्वारा प्रस्तुत तथ्यों की जांच करेंगे. यह एक व्यापक जांच का हिस्सा है.” 1xBet की जांच, भारत में अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए ईडी द्वारा चलाए जा रहे कई अभियानों में से एक है. ये मामले अक्सर विदेशी खातों और अनियमित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े होते हैं. अधिकारियों का कहना है कि 1xBet की जांच एक राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है. इसी तरह के मामलों में कई मशहूर हस्तियों और प्रभावशाली लोगों से पूछताछ की गई है. एक जांचकर्ता ने कहा, “हम संचालकों और प्रमोटरों, दोनों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. विज्ञापनों या प्रचार के माध्यम से जुड़े किसी भी व्यक्ति की जांच की जाएगी.”

सुरेश रैना के बयान का अध्ययन करेंगे अधिकारी

ईडी इन ऐप्स से जुड़े धन की आवाजाही पर नजर रख रहा है. उनका मानना है कि धन कई शेल कंपनियों के माध्यम से भेजा गया है. विश्व कप विजेता क्रिकेटर रैना ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. वह खेल कमेंट्री, कोचिंग और विज्ञापनों में सक्रिय रहे है. उनसे पूछताछ सट्टेबाजी ऐप मामले की जांच में एक और अहम मोड़ है. ईडी ने यह नहीं बताया है कि रैना को दोबारा बुलाया जाएगा या नहीं. फिलहाल, मामले से जुड़े अन्य सबूतों के साथ उनके बयान का भी अध्ययन किया जाएगा.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।