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मदरसों में स्वतंत्रता दिवस पर नहीं फहराया जा सकता है तिरंगा झंडा : जमीयत उलमा बोर्ड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भोपाल. मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने स्वतंत्रता दिवस के दिन वक्फ की संपत्तियों पर तिरंगा फहराने का आदेश जारी किया है. इस आदेश के तहत वक्फ बोर्ड दफ्तर, मदरसे और मस्जिदों पर भी तिरंगा फहराया जाएगा. राज्य में वक्फ की 15 हजार से ज्यादा संपत्तियां हैं. एमपी के वक्फ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष सनवर पटेल ने एक एडवाइजरी जारी किया है. इस एडवाइजरी में लिखा है, “जहां संभव हो वहां ध्वजारोहण किया जाए.” इस एडवाइजरी में “संभव” शब्द को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि इसका मतलब यह भी निकाला जा रहा है कि कुछ स्थानों पर झंडारोहण नहीं किया जाएगा.

वक्फ बोर्ड के इस फैसले का मध्य प्रदेश जमीयत उलमा बोर्ड ने विरोध किया. बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद कलीम ने साफ कहा कि मदरसों में तिरंगा फहराने में कोई आपत्ति नहीं है और यह संभव भी है, लेकिन जिस मस्जिदों में मदरसे चल रहे हैं वहां झंडारोहण संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि मस्जिदें इबादतगाह हैं और वहां धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ राष्ट्रीय कार्यक्रम की जगह अन्य सार्वजनिक स्थल हो सकते हैं.

कांकेर में सकारात्मक पहल

दूसरी तरफ, छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में इस बार एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है. यहां सुन्नी मस्जिदों और मदरसों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया जाएगा. रायपुर वक्फ बोर्ड के सदर ने ऐलान किया कि सभी मस्जिदों और मदरसों में ध्वजारोहण किया जाएगा.

अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर ने क्या कहा?

कांकेर की अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर जावेद मेमन ने इस पहल को अमल में लाने के लिए राजा मस्जिद, जामा मस्जिद और संजय नगर मस्जिद के जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक की. इसमें एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जो 15 अगस्त की सुबह 7:30 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम को सफल बनाएगी. जावेद मेमन ने कहा कि हमारी कोशिश है कि इस दिन सभी मस्जिदों से तिरंगा लहराकर देश प्रेम की एक नई मिसाल पेश की जाए.

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।