लोड हो रहा है...

स्वतंत्रता दिवस पर मीट पर प्रतिबंध का असदुद्दीन ओवैसी ने किया विरोध

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

हैदराबाद. AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने स्वतंत्रता दिवस पर बूचड़खानों और मांस की दुकानों को बंद करने की कड़ी आलोचना की है और नगर निगम अधिकारियों के इस कदम को संवेदनहीन और असंवैधानिक बताया है. हैदराबाद के सांसद ने बुधवार (13 अगस्त 2025) को ‘एक्स’ पर कई नगर निगमों की तरफ से जारी आदेशों की आलोचना की और मांस खाने और स्वतंत्रता दिवस के बीच संबंध पर सवाल उठाया.

ओवैसी ने पोस्ट किया, “ऐसा लगता है कि भारत भर के कई नगर निगमों ने 15 अगस्त को बूचड़खानों और मांस की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है. दुर्भाग्य से GHMC ने भी ऐसा ही आदेश दिया है. यह संवेदनहीन और असंवैधानिक है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष ने कहा, “मांस खाने और स्वतंत्रता दिवस मनाने के बीच क्या संबंध है? तेलंगाना के 99 प्रतिशत लोग मांस खाते हैं. ये मांस प्रतिबंध लोगों की स्वतंत्रता, निजता, आजीविका, संस्कृति, पोषण और धर्म के अधिकार का उल्लंघन करते हैं.”

मांस की दुकानों को बंद रखने के आदेश

GHMC ने स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी के अवसर पर मांस की दुकानों को बंद रखने के आदेश पहले ही जारी कर दिए हैं. नगर निगम ने GHMC अधिनियम, 1955 की धारा 533 (B) के तहत यह आदेश जारी किया है. GHMC आयुक्त ने यह आदेश हैदराबाद, साइबराबाद और राचकोंडा के पुलिस आयुक्तों को भेजा है.

GHMC के सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों, सहायक निदेशकों (पशु चिकित्सा), उप निदेशकों (पशु चिकित्सा), और पशु चिकित्सा अनुभाग को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा, जीएचएमसी के सभी जोनल कमिश्नरों और अतिरिक्त कमिश्नरों, तेलंगाना राज्य भेड़ एवं बकरी विकास सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक और पशु चिकित्सा और पशुपालन विभाग के निदेशक को भी आदेश जारी किए गए हैं. बता दें कि मुंबई में नगर निगम अधिकारियों ने भी इसी तरह के आदेश जारी किए हैं, जिसका विपक्षी दल की ओर से विरोध किया गया है.

- Advertisement -

साभार : एबीपी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।