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गूगल परियोजना आंध्र प्रदेश की प्रगति और आत्मनिर्भरता की यात्रा में एक निर्णायक उपलब्धि: डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने आज कहा कि विशाखापत्तनम में बनने वाले 1-गीगावाट के हाइपरस्केल गूगल डेटा सेंटर से आंध्र प्रदेश को लगभग 10,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।

इस परियोजना को आंध्र प्रदेश की प्रगति और आत्मनिर्भरता की यात्रा में एक निर्णायक उपलब्धि बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने रेखांकित किया कि पांच वर्षों (2026-2030) में लगभग 15 बिलियन डॉलर (अमरीकी डॉलर) का यह निवेश राज्य में 5,000-6,000 प्रत्यक्ष नौकरियां और कुल 20,000-30,000 नौकरियां पैदा करेगा। साथ ही, यह विशाखापत्तनम में आवश्यक जनशक्ति, बुनियादी ढांचा, बिजली और शीतलन सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर एक व्यापक गुणक प्रभाव उत्पन्न होगा।

उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित भारत एआई शक्ति कार्यक्रम के दौरान गूगल द्वारा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) हब की स्थापना की घोषणा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए यह बात कही। इस परियोजना में भारत का पहला गीगावाट-स्तरीय डेटा सेंटर और भारत में गूगल का पहला एआई हब शामिल होगा।

डॉ. चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आंध्र प्रदेश के विकास को दिए गए समर्थन की सराहना की और आंध्र प्रदेश में गूगल को लाने के लिए मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू और श्री नारा लोकेश के निरंतर प्रयासों की भी प्रशंसा की।

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उन्होंने जोर देकर कहा कि यह परियोजना राज्य को डिजिटल हब के रूप में स्थापित करने और पूरे देश में एआई-संचालित परिवर्तन को तेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव; केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण; आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू; आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री श्री नारा लोकेश और गूगल क्लाउड के सीईओ श्री थॉमस कुरियन भी उपस्थित थे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।