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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 नए युद्धपोत राष्ट्र को किये समर्पित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. पीएम मोदी ने मुंबई के नेवी डॉकयार्ड में नौसेना के 3 अग्रणी युद्धपोतों INS सूरत, INS नीलगिरी और INS वाघशीर को राष्ट्र को समर्पित किया। इस मौके पर पीएम ने कहा कि नए युद्धपोत राष्ट्र की सुरक्षा को ताकत देंगे। भारत नेवी को सशक्त करने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठा रहा है। हमारी नौसेना ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई है। पीएम ने कहा कि तीनों सेनाओं ने आत्मनिर्भरता के मंत्र को अपनाया है। भारत विस्तारवाद नहीं, विकास के भाव के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत पूरे विश्व और खासकर ग्लोबल साउथ में एक भरोसेमंद और जिम्मेदार साथी के रूप में पहचाना जा रहा है।

मेड इन इंडिया हैं युद्धपोत

पीएम ने कहा कि भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। हम पूरी दुनिया को परिवार मानते हैं। पीएम ने कहा कि यह गर्व की बात है कि सभी तीन फ्रंटलाइन नौसैनिक मेड इन इंडिया हैं। आज का भारत दुनिया में एक प्रमुख समुद्री शक्ति के रूप में उभर रहा है। पीएम ने कहा कि आज भारत की समुद्री विरासत, नौसेना के गौरवशाली इतिहास और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए बहुत बड़ा दिन है। छत्रपति शिवाजी महाराज की पवित्र भूमि पर हम 21वीं सदी की नौसेना को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठा रहे हैं। ये पहली बार है जब एक विध्वंसक, एक फ्रिगेट और एक पनडुब्बी, ये तीनों मिलकर काम कर रहे हैं।

पीएम ने छत्रपति शिवाजी महाराज का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने नौसेना को नया सामर्थ्य और विजन दिया था। गौरतलब है कि तीन प्रमुख नौसैनिक लड़ाकू जहाजों का बेड़े में शामिल होना भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा योगदान है, जिससे भारत रक्षा विनिर्माण और समुद्री सुरक्षा में वैश्विक नेता बनने की राह में आगे बढ़ेगा।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।