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कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने की मुस्लिम ठेकेदारों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

बेंगलुरु. बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने अपने बजट में मुसलमानों के लिए 4 फीसदी आरक्षण का ऐलान किया है। अब ठेकों में भी धर्म के आधार पर रिजर्वेशन देंगे। होली पर हिंदू मुसलमानों ने सदभाव का परिचय दिया और ठीक उसी समय सांप्रदायिक और वोट बैंक की राजनीति का नया आयाम दिया गया है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कल (शुक्रवार) देश ने शांति के साथ होली मनाई। हिंदू और मुस्लिम ने एक नई एकता का परिचय दिया। ठीक उसी समय वोट बैंक राजनीति को एक नया आयाम दिया गया। ये चीजें देखने में छोटी लगती हैं। लेकिन छोटी-छोटी चीजें बड़ी बनती हैं। आप देख लीजिए तीन तलाक, राम मंदिर समेत तमाम चीजों का पार्टियां विरोध करती थीं लेकिन देश में बदलाव दिखाई दिया। बीजेपी कहां से कहां पहुंच गई। हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में जनता ने विपक्ष को करारा जवाब दिया।

ये रिजर्वेशन राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा: रविशंकर प्रसाद

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये रिजर्वेशन राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा है। सिद्धारमैया खुद से नहीं कर सकते। वोट बैंक की राजनीति को राहुल गांधी लीड करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने नए साल पर भी वियतनाम, होली पर भी वियतनाम.. 22 दिन दिए गए, इतना तो रायबरेली में भी नहीं रहे। अब वो विपक्ष के नेता हैं। राहुल गांधी को वियतनाम से इतना प्यार क्यों हो गया है? रविशंकर प्रसाद ने संसद में कहा है, इतनी बार हारे हैं, कहां से कहां पहुंच गए, लेकिन न समझते हैं ना संभालते हैं। इस वोट बैंक पॉलिटिक्स का कितना बड़ा ग्रिप है। बीजेपी इसका विरोध करती है और करेगी। आंध्र प्रदेश में चार प्रतिशत आरक्षण दिया गया था,धार्मिक आधार पर आरक्षण भारतीय संविधान में मान्य नहीं है, सीधा गर्वमेंट कांट्रैक्ट में आरक्षण देंगे तो असंवैधानिक है।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।