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आईफा के सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन का हिस्सा बने 16 मार्च को रात 8 बजे से ज़ी टीवी पर देखने मिलेगा अवॉर्ड्स का जश्न और सितारों की दमदार परफॉर्मेंस का धमाका

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई, 15 मार्च, 2025: बॉलीवुड सिर्फ सिनेमा नहीं, बल्कि एक जादू है, जो हमारी कई भावनाओं को खुलकर व्यक्त करता है। और इसी जादू को हर साल एक भव्य मंच मिलता है आईफा अवॉर्ड्स में, जहाँ न सिर्फ बेहतरीन कलाकारों को सम्मानित किया जाता है, बल्कि यह रात एक ऐसा जश्न बन जाती है, जिसे हर सिनेप्रेमी अपनी यादों में संजोकर रखना चाहता है। इस बार यह ऐतिहासिक सेलिब्रेशन और भी खास रहा, क्योंकि आईफा के 25 शानदार साल पूरे हो चुके हैं और यह ग्रैंड इवेंट 16 मार्च को ज़ी टीवी पर प्रसारित होने जा रहा है।

आईफा ने 25 वर्षों में एक अलग पहचान बनाई है, जो सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में बॉलीवुड के दीवानों के लिए एक इंटरनेशनल सेलीब्रेशन बन चुका है। जब साल 2000 में इस सफर की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह मंच साल-दर-साल इतना भव्य और ऐतिहासिक बनता जाएगा। आज, 25 साल पूरे करने के बाद, यह सिर्फ एक अवॉर्ड शो नहीं, बल्कि बॉलीवुड की सबसे शानदार परंपरा बन चुका है, जिसे दर्शकों का हर साल बेशुमार प्यार मिलता है।

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आईफा 2025 की इस ऐतिहासिक रात में, सितारे सिर्फ आसमान में ही नहीं, स्टेज पर भी चमकते नजर आए। शाहिद कपूर ने अपने दमदार डांस मूव्स से स्टेज पर आग लगा दी, तो वहीं शाहरुख खान की एंट्री ने दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दीं। उनकी परफॉर्मेंस सिर्फ एक डांस एक्ट नहीं थी, बल्कि बॉलीवुड के 25 साल का जश्न थी, एक ऐसा सफर, जहाँ रोमांस, एक्शन, ड्रामा और एंटरटेनमेंट का हर रंग बिखरा हुआ था।

यही तो आईफा की खासियत है। यहाँ सिर्फ एक-दो नहीं, हर परफॉर्मेंस दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर देती है। माधुरी दीक्षित की मिलियन डॉलर स्माइल, करीना कपूर की एनर्जी, कृति सेनन की दिलकश अदाएँ, नोरा फतेही की जबरदस्त स्टाइल, हर एक्टर ने इस जश्न को यादगार बना दिया।

अब बारी आपकी है। इस ऐतिहासिक रात का हिस्सा बनने के लिए 16 मार्च, रात 8 बजे से ज़ी टीवी पर आईफा 2025 देखना न भूलें, क्योंकि जब बॉलीवुड का सबसे बड़ा शो टेलीविज़न पर प्रसारित हो रहा हो, तो उसे मिस करना मुमकिन ही नहीं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।