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सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने हर मंदिर के नीचे बौद्ध मठ होने का किया दावा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने एक बार विवाद खड़ा बयान दिया है. उन्होंने चेतावनी देते हुए आगाह किया है कि गड़े मुर्दे मत उखाड़ें. साथ ही साथ रामजी लाल ने जिक्र किया कि हर मंदिर के नीचे बौद्ध मठ हैं. सपा नेता राणा सांगा पर अपनी टिप्पणी को लेकर सुर्खियों में आए थे, जिसके बाद जमकर बवाल बवाल हुआ है और उन्होंने अपने बयान पर माफी मांगने से भी इनकार कर दिया था. आगरा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने करणी सेना को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव आगरा आ रहे हैं. मैं उन लोगों से कहना चाहता हूं कि मैदान तैयार है दो-दो हाथ होंगे. तुम यह कहोगे कि हर मस्जिद के नीचे एक मंदिर है, तो फिर हमें कहना पड़ेगा कि हर मंदिर के नीचे एक बौद्ध मठ है.

रामजी लाल सुमन ने हाई कोर्ट से मांगी सुरक्षा

राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन अभी हाल ही में करणी सेना के विरोध और धमकियों के मद्देनजर अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सुमन ने अपने बेटे और पूर्व विधायक रणधीर सुमन के साथ मिलकर एक याचिका दायर की है, जिसमें 26 मार्च को आगरा में उनके आवास पर हमला करने वालों के खिलाफ केंद्रीय सुरक्षा और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है. यह हमला राणा सांगा पर उनकी टिप्पणी के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ऐतिहासिक राजपूत राजा को गद्दार कहा था. उनके बयान के बाद कई संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन का अपील की गई. आगरा में रामजी लाल सुमन के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. वहीं, करणी सेना सहित इन संगठनों ने सुमन के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके कारण पुलिस के साथ टकराव हुआ था.

क्या दिया था रामजी लाल सुमन ने बयान?

विवाद की शुरुआत 21 मार्च को राज्यसभा में दिए गए भाषण से हुई, जिसमें सुमन ने कहा कि भारतीय मुसलमान मुगल सम्राट बाबर को अपना आदर्श नहीं मानते, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पैगंबर मुहम्मद और सूफी परंपरा का पालन करते हैं. हालांकि, एक विवादास्पद बयान में उन्होंने 16वीं शताब्दी की शुरुआत में इब्राहिम लोदी के खिलाफ बाबर के साथ राणा सांगा के ऐतिहासिक गठबंधन का जिक्र किया और सांगा की देशभक्ति पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी नेता अक्सर दावा करते हैं कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है, लेकिन बाबर को भारत में किसने बुलाया? राणा सांगा ही उसे इब्राहिम लोदी को हराने के लिए लाए थे. इस तर्क से, अगर मुसलमान बाबर के वंशज हैं, तो आप भी राणा सांगा के वंशज हैं, जो एक गद्दार था.’

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।