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कनाडा में भारतीय मूल की अनीता आनंद विदेश मंत्री और सिद्धू को मिला अंतरराष्ट्रीय व्यापार विभाग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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टोरंटो. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ओर से घोषित नए मंत्रिमंडल में भारतीय-कनाडाई अनीता आनंद और मनिंदर सिद्धू को महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं. अनीता आनंद को मंगलवार (13 मई 2025) को घोषित नए मंत्रिमंडल में विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है, जबकि मनिंदर सिद्धू को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री बनाया गया.

दो सप्ताह बाद हुई नये मंत्रिमंडल की घोषणा

कार्नी ने कनाडा के आम चुनावों में अपनी लिबरल पार्टी की जीत के लगभग दो सप्ताह बाद नए मंत्रिमंडल की घोषणा की. चुनाव से कुछ महीने पहले उन्होंने जस्टिन ट्रूडो की जगह प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला था. अनीता आनंद (58) चुनाव से पहले नवोन्मेष, विज्ञान और उद्योग मंत्री थीं और इससे पहले भी वह रक्षा मंत्री सहित कई पदों पर रह चुकी हैं. उन्होंने मेलानी जोली की जगह ली है, जो अब उद्योग मंत्री हैं. ओकविले ईस्ट से सांसद आनंद ने शपथ लेने के तुरंत बाद एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘‘कनाडा की विदेश मंत्री बनाए जाने पर मैं सम्मानित महसूस कर रही हूं. मैं प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और हमारी टीम के साथ मिलकर एक सुरक्षित, निष्पक्ष दुनिया बनाने और कनाडाई लोगों के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हूं.’’

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री बने मनिंदर सिद्धू

मनिंदर सिद्धू (41) ने भी शपथ ग्रहण के बाद कहा कि कनाडा का अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री बनाया जाना उनके लिए जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का आभारी हूं कि व्यापार में विविधता लाने, कनाडाई व्यवसायों को नए वैश्विक बाजारों तक पहुंचने में सहायता करने और कनाडा में अच्छे वेतन वाली नौकरियां पैदा करने में उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया है.’’ उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘‘मुझे अपने सहयोगियों के साथ खड़े होने पर गर्व है. हम जी-7 में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.’’ सिद्धू को ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री बनाया गया है जब कनाडा शुल्क को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की आक्रामकता से जूझ रहा है.

अनीता आनंद पीएम की रेस में थीं आगे

ट्रूडो के बाद प्रधानमंत्री चुने जाने की दौड़ में शामिल अग्रणी नेताओं में से एक मानी जा रहीं आनंद ने जनवरी में घोषणा की थी कि वह इस मुकाबले से पीछे हट रही हैं. ग्रामीण क्षेत्र नोवा स्कोटिया में जन्मी और पली-बढ़ी आनंद 1985 में ओन्टारियो चली गई थीं. कनाडा के प्रधानमंत्री की वेबसाइट में उल्लेख किया गया है कि आनंद को पहली बार 2019 में ओकविले की सांसद चुना गया था और इससे पहले उन्होंने ट्रेजरी बोर्ड की अध्यक्ष, राष्ट्रीय रक्षा मंत्री और सार्वजनिक सेवा और खरीद मंत्री के रूप में कार्य किया. मनिंदर सिद्धू की वेबसाइट के अनुसार, वह 2019 से ब्रैम्पटन ईस्ट से सांसद हैं और चार साल से अधिक समय तक वह ग्लोबल अफेयर्स कनाडा में संसदीय सचिव भी रहे. उन्होंने राजनयिक संबंधों को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने में मदद की. मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया कि कनाडाई प्रधानमंत्री के नए मंत्रिमंडल में 28 मंत्री और 10 केंद्रीय राज्य मंत्री हैं.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।