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पाकिस्तान ने आतंकवादियों के लिए घोषित किया मुआवजा, मसूद अजहर के परिवार को मिले 14 करोड़

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

इस्लामाबाद. आतंकवाद पर पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है. इतनी तबाही के बाद भी उसको चैन नहीं. पाक सरकार ने आतंकी ठिकानों को फिर से बसाने का ऐलान किया है. पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने घोषणा की है कि ऑपरेशन सिंदूर में ध्वस्त आतंकी ठिकानों फिर से बनाया जाएगा, साथ ही मारे गए आतंकियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और घायलों को 10 लाख से 20 लाख पाकिस्तानी रुपये देने का भी ऐलान किया गया है. इस ऐलान से पाकिस्तान की असलियत पूरी दुनिया के सामने आ गई है कि वह आतंकी संगठनों और आतंकवादियों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लंबा चौड़ा पोस्ट किया, जिसमें आतंकियों के लिए मुआवजे और उनके ठिकानों को फिर से बनवाने की घोषणा की गई है. 6-7 मई की दरमियानी रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक निशाना कर तबाह कर दिया था. इनमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के टेरेरिस्ट कैंप शामिल हैं. इन्हीं आतंकी ठिकानों में भारत के खिलाफ टेरेरिस्ट अटैक की प्लानिंग की जाती थी.

ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के परिवार के 14 आतंकी ढेर हुए हैं इसलिए उसके परिवार को पाक सरकार 14 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर देगी. पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि ये सरकार की जम्मेदारी है कि हमलों में मारे गए लोगों के घर बनवाएं और उनके बच्चों का ख्याल रखा जाए और सरकार ये जिम्मेदारी पूरी करेगी. सरकार सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी. शहबाज शरीफ जिन लोगों की बात कर रहे हैं, ये सभी आतंकी थे, जो भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रचते थे. आतंकी ठिकाने बर्बाद होने के बाद पाकिस्तान ने बौखलाहट में भारत के कई शहरों के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन यहां भी उसको मुंह की खानी पड़ी. भारत ने उसके हमलों का ऐसा जवाब दिया कि डिफेंस सिस्टम उड़ा दिए और जिन मिसाइलों को वह अपनी ताकत मानता था, उन्हें ही बर्बाद कर दिया. पाकिस्तान का कहना है कि इन हमलों में पाक आर्मी के 11 जवान मारे गए और 78 घायल हुए.

शहबाज शरीफ सरकार जान गंवाने वाले पाक सेना के जवानों को 1 से 1.8 करोड़ पाकिस्तानी रुपये तक का मुआवजा देगी. ये मुआवजा जवानों की रैंक के हिसाब से उनके परिवारों को दिया जाएगा और उनके रिटायरमेंट की तारीख तक पूरी सैलरी और गुजारा-भत्ता भी दिया जाता रहेगा. पाक सरकार का कहना है कि वह जवानों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च सरकार उठाएगी और हर जवान की एक बेटी की शादी के लिए 10 लाख पाकिस्तान रुपये सहायता राशि के तौर पर देगी. घायल जवानों के लिए 20 से 50 लाख पाकिस्तानी रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई है और यह भी जवानों की रैंक के आधार पर दी जाएगी. जिन जवानों की जान गई है, उनके परिवारों को घर के लिए 1.9 से 4.2 करोड़ रुपये तक दिए जाएंगे.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।