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गिरिराज सिंह ने जापानी वस्त्र उद्योग के अग्रिम व्यक्तियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने 14 जुलाई, 2025 को जापान के टोक्यो की अपनी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करके की, जिसमें उन्होंने गांधीजी के सत्य, अहिंसा और करुणा के आदर्शों की स्थायी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

श्री गिरिराज सिंह ने टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास का दौरा किया और भारत-जापान संबंधों तथा वस्त्र सेक्टर में उपलब्ध अवसरों पर राजदूत श्री सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन की अध्यक्षता की।

इसके बाद, विश्व की अग्रणी परिधान खुदरा कंपनियों में से एक, फास्ट रिटेलिंग कंपनी लिमिटेड के चेयरमेन, अध्यक्ष और सीईओ श्री तदाशी यानाई के साथ एक रणनीतिक बैठक हुई। इस बैठक में भारत में फास्ट रिटेलिंग के सोर्सिंग, विनिर्माण और खुदरा प्रचालनों के विस्तार पर चर्चा हुई।

श्री गिरिराज सिंह ने प्रमुख टेक्सटाइल ट्रेडिंग और ओईएम कंपनी स्टाइलम कंपनी लिमिटेड की लीडरशिप टीम से भी मुलाकात की और उन्हें पीएम मित्र पार्क और अन्य सरकारी पहलों के माध्यम से भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया।

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एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में श्री गिरिराज सिंह ने डाइसो इंडस्ट्रीज के निदेशकों से मुलाकात की, जिन्होंने भारत में 200 स्टोर खोलने और सूती उत्पादों के विनिर्माण की योजना की घोषणा की। श्री सिंह ने उन्हें भारत के वस्त्र से जुड़े बुनियादी ढांचे और प्रोत्साहनों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

श्री गिरिराज सिंह ने प्रमुख जापानी वस्त्र और परिधान कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ एक संवादमूलक गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता के साथ दिन का समापन किया, जिसमें टेक्निकल टेक्सटाइल, फाइबर उत्पादन और कपड़ा मशीनरी में निवेश को प्रोत्साहित किया गया। राजदूत श्री सिबी जॉर्ज ने उद्घाटन भाषण दिया और वस्त्र मंत्रालय में अपर सचिव श्री रोहित कंसल ने इस सेक्टर में प्रमुख सरकारी नीतियों और उभरते अवसरों पर प्रस्तुति दी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।