लोड हो रहा है...

अफगानिस्तान में 5.9 तीव्रता के भूकंप का असर दिल्ली-एनसीआर में भी महसूस किया गया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

काबुल. बुधवार की सुबह अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में भूकंप आया, जिसके झटके दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र सहित भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 दर्ज की गई। आइए जानते हैं कि भूकंप से कोई नुकसान हुआ या सब सेफ है।

कहां रहा भूकंप का केंद्र

भूकंप के तेज झटकों से अफगानिस्तान की धरती हिल गई। झटके इतने तेज थे कि उससे दिल्ली-एनसीआर की धरती भी हिल गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र हिंदू कुश में धरती से 75 किलोमीटर की गहराई पर रहा। ये तो एक दम सही है कि 5.9 तीव्रता का भूकंप गंभीर क्षति पहुंचाने के लिए काफी शक्तिशाली माना जाता है, खासकर भूकंप के केंद्र के पास।

क्या हुआ कोई नुकसान?

बेशक भूकंप के झटके बहुत तेज थे, लेकिन उससे अभी तक किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। दरअसल भूकंप इतना तेज महसूस किया गया कि पहले उसकी तीव्रता 6.9 बताई गई लेकिन बाद में उसे सही कर 5.9 किया गया।

लोगों को महसूस हुए झटके

दिल्ली-एनसीआर में बुधवार की सुबह आए भूकंप के झटके लोगों को भी महसूस हुए। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर रिएक्ट भी किया है और बताया कि उन्हें भूकंप महसूस हुआ। किसी ने लिखा- आया भूकंप तो किसी ने लिखा- दिल्ली में भूकंप महसूस हुआ। ऐसे ही कई अन्य कमेंट भी आए हैं।

- Advertisement -

साभार : न्यूज24

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।