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रक्षा साइबर एजेंसी ने राष्ट्रीय स्तर पर साइबर लचीलापन बढ़ाने के लिए अभ्यास आरंभ किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के तत्वावधान में डिफेंस साइबर एजेंसी द्वारा आयोजित एक व्यापक साइबर सुरक्षा अभ्यास ‘साइबर सुरक्षा’ 16 जून, 2025 को शुरू हुआ। यह बहु-चरणीय अभ्यास राष्ट्रीय स्तर पर साइबर लचीलापन बढ़ाने की दिशा में एक कदम है जो 27 जून, 2025 को समाप्त होगा एवं इसमें लक्षित प्रशिक्षण सत्र, मूल्यांकन और नेतृत्व की सक्रियता बढ़ाने का अभ्यास शामिल है। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों और रक्षा क्षेत्रों के हितधारकों के 100 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

इस अभ्यास को वास्तविक दुनिया के साइबर खतरों का अनुकरण करने, सुरक्षित प्रथाओं को सुदृढ़ करने और प्रतिभागियों के विश्लेषणात्मक और रक्षात्मक साइबर कौशल का परीक्षण करने के लिए एक उच्च गति वाले, गेमीफाइड वातावरण में डिजाइन किया गया है। नेतृत्व के लिए मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारियों (सीआईएसओ) के सम्मेलन को भी ‘साइबर सुरक्षा’ में शामिल किया गया है, जिससे तकनीकी पहलुओं को नेतृत्व की भूमिकाओं के साथ एकीकृत किया जा सके। सीआईएसओ सम्मेलन में दिग्गज वक्ताओं की बातचीत शामिल है और इसका समापन एक इमर्सिव टेबल-टॉप अभ्यास में होगा।

ऐसे शिक्षण को गतिशील व्यावहारिक चुनौतीपूर्ण वातावरण के साथ संयोजित करने से प्रतिभागियों को साइबर खतरों का सामना करने में निर्णायक रूप से कार्य करने में सक्षम बनाया जा सकेगा। रक्षा साइबर एजेंसी ने तत्परता की स्थिति बनाए रखने और सभी स्तरों पर सुरक्षा की प्राथमिकता को विकसित करने के लिए नियमित आधार पर ऐसे अभ्यास आयोजित करने की योजना बनाई है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।