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खालिस्तानियों ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में किया हंगामा और हाथापाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कैनबरा. भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित भारत के महावाणिज्य दूत (Consul General) ऑफिस के बाहर एक कार्यक्रम के दौरान खालिस्तान समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया. ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय स्वतंत्रता दिवस को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए यहां जुटे थे तभी खालिस्तानी समर्थक झंडे लेकर वहां पहुंच गए और हंगामा करने लगे.

खालिस्तानी समर्थकों ने की तोड़फोड़, बढ़ा तनाव

द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक खालिस्तानी समर्थकों ने वहां हंगामा किया और परिसर में तोड़फोड़ भी की, जिसने दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा दिया. स्थानीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया. वीडियो में नजर आ रहा है कि भारतीय समर्थक की ओर से तिरंगा फहराने ओर देशभक्ति के गीत गाए जाने के दौरान खालिस्तानी समर्थक झंडा लहरा रहे हैं. हालांकि समारोह में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातम’ के नारों के बीच तिरंगा फहराया गया.

खालिस्तान समर्थित गतिविधियों में आई तेजी

हाल कुछ महीनों में ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थित गतिविधियां तेज हो गई है. पिछले महीने मेलबर्न के स्वामीनारायण मंदिर और दो एशियाई रेस्टोरेंट पर नफरत भरे संदेश लिखे गए थे. इससे पहले पार्किंग विवाद के चलते एक भारतीय शख्स पर हमला हुआ था. इसमें घटना में भी खालिस्तानियों के तार जुड़े हुए थे. साल 2024 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथे टेस्ट मैच के दौरान खालिस्तानी समर्थकों और भारतीय क्रिकेट फैन के बीच झड़प हुई थी.

ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने भारत को दी बधाई

इस बीच ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत को 79वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी. उन्होंने कहा कि भारतीयों ने 78 सालों में जो उपलब्धियां हासिल की हैं उस पर वे गर्व कर सकते हैं. उन्होंने दोनों देशों मजबूत रिश्तों का जिक्र करते हुए ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों की सराहना की.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।