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सोशल मीडिया पर मुंबई हमले का जिम्मेदार आतंकवादी हाफिज सईद की मौत का दावा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 2008 मुंबई हमले के मास्टर माइंड आतंकवादी हाफिज सईड की मौत को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. रविवार (16 मार्च) से ही सोशल मीडिया में यह चर्चाएं जारी है कि हाफिज सईद को गोली लगी और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो चुकी है.

दरअसल, रविवार (16 मार्च) से ही चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आतंकी हाफिज सईद पाकिस्तानी सेना के साथ मीटिंग कर लौट रहा था, तभी झेलम इलाके में उसकी गाड़ी पर अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियों की बौछार कर दी. वहीं, इस हमले में हाफिज सईद का भतीजा अबू कताल सिंधी मारा गया. अबू कताल सिंधी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर था. अबू कताल भारत के जम्मू-कश्मीर के भीतर कई आतंकी हमलों का मास्टर माइंड रहा है. इसमें पिछले साल जम्मू के रियासी इलाके में तीर्थयात्रियों के बस पर हमले भी शामिल है, जिसमें 9 हिंदू तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी.

अज्ञात बंदूकधारियों ने कई आतंकियों को लगाया ठिकाने

बीते कई सालों से पाकिस्तान के भीतर अज्ञात बंदूकधारियों ने कई कुख्यात आतंकियों को ढेर कर दिया है. पिछले साल कंधार प्लेन हाईजैक के मास्टर माइंड मसूद अजहर के बारे में भी ऐसे ही दावे किए गए थे कि आतंकी एक बम विस्फोट में मारा गया है. हालांकि आज तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है. वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में मसूद अजहर को देखे जाने का भी दावा किया गया है.

सोशल मीडिया पर हाफिज सईद को लेकर किए जा रहे दावे

लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और कुख्यात आतंकी हाफिज सईद को लेकर सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि रविवार (16 मार्च) को हुए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. हालांकि इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन सोशल मीडिया पर दावों का बाजार बहुत गर्म है.

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हैदर नाम के एक यूजर ने एक वीडियो शेयर किया है. इसमें उनसे हाफिज सईद के मारे जाने का दावा किया है. हैदर के प्रोफाइल के बायो में खुद को जन्म से पाकिस्तानी बताता है. वहीं, उसने जो वीडियो पोस्ट किया है कि उसे हाफिज सईद पर हमले की जगह बताई है. हालांकि, एबीपी न्यूज इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. लेकिन यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर की जा रही है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।