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हमलों से डरे पाकिस्तान ने बंद कमरे में बुलाया नेशनल असेंबली का सत्र

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में विद्रोहियों के हमलों में बढ़ोतरी के बीच सरकार ने मंगलवार को सुरक्षा से संबद्ध संसद की एक उच्च समिति की बैठक बुलाई है। बंद कमरे में होने वाली इस बैठक में शीर्ष सैन्य नेतृत्व मौजूदा स्थिति पर सांसदों को जानकारी देगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ‘नेशनल असेंबली’ के अध्यक्ष अयाज सादिक से मंगलवार को दोपहर डेढ़ बजे संसद में सुरक्षा संबंधी बैठक बुलाने के लिए कहा है। इसे लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा बयान भी जारी किया गया है। बयान के अनुसार, सैन्य नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संसदीय समिति को सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी देगा।

गौरतलब है कि यह बैठक तब हो रही है जब पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में हाल में कई आतंकवादी हमले हुए हैं। इन दोनों प्रांतों की सीमा अफगानिस्तान से सटी है। ‘डॉन’ की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चूंकि देश में सुरक्षा पर कोई संसदीय समिति गठित नहीं की गई थी, ऐसे में नेशनल असेंबली के रक्षा और विदेश मामलों की स्थायी समितियों के सदस्य, संघीय कैबिनेट के सदस्य, चारों प्रांतों के मुख्यमंत्री और सभी संसदीय दलों के नेता अथवा उनके प्रतिनिधि बंद दरवाजे के भीतर होने वाली इस बैठक में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर इस बैठक में शामिल होंगे।

वहीं, डॉन का यह भी कहना है कि ऐसा बताया जा रहा है कि सरकार प्रांत में बढ़ते आतंकवादी हमलों में शामिल बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाने की योजना बना रही है। बता दें कि खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में हालात बेहद गंभीर है। इन इलाकों में लंबे समय से गृहयुद्ध जैसी स्थिति है। यहां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) लगातार सुरक्षा कर्मियों और नागरिकों को निशाना बनाते रहते हैं।

बीते रविवार को बलूचिस्तान के नोशकी जिले में बीएलए के लड़ाकों ने अर्धसैनिक बल के एक काफिले पर हमला किया था। इस हमले में तीन सुरक्षा कर्मियों सहित पांच लोग मारे गए थे और 30 अन्य घायल हो गए थे। हालांकि कई रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि इस हमले में 90 लोग मारे गए हैं। उससे पहले बलूचिस्तान प्रांत में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 11 मार्च को गुडलार और पीरू कुनरी के पहाड़ी इलाकों के पास 440 यात्रियों को लेकर जा रही जाफर एक्सप्रेस पर घात लगाकर हमला कर ट्रेन हाईजैक कर ली थी।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।