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पाकिस्तान ने फर्जी खबरों के आधार पर अपनी एयरफोर्स की प्रशंसा में पढ़े कसीदे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सीनेट में अपने देश की वायुसेना की प्रशंसा करने के लिए एक फर्जी खबर का हवाला दिया, जिसे उन्होंने ब्रिटिश दैनिक ‘द डेली टेलीग्राफ’ में प्रकाशित होने का दावा किया। डार ने कहा कि अखबार ने हालिया भारत-पाक संघर्ष के संदर्भ में लिखा है कि “पाकिस्तानी वायुसेना ने आसमान में निर्विवाद बादशाहत कायम की है।” हालांकि इस दावे की तथ्य-जांच ‘डॉन’ अखबार ने की और इसे पूरी तरह मनगढ़ंत करार दिया। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर 10 मई 2025 से एक फर्जी फ्रंट पेज वायरल हो रहा है, जिसमें ‘द डेली टेलीग्राफ’ के पहले पन्ने पर पाकिस्तान वायुसेना को “Sky’s Undisputed King” बताया गया है।

क्या है वायरल तस्वीर में?

इस कथित अखबार की तस्वीर में एक समाचार शीर्षक दिया गया था: “Pakistan Air Force: The Sky’s Undisputed King” इस तस्वीर को सबसे पहले बैरिस्टर खदीजा सिद्दीकी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। इसके बाद 11 मई को खैबर पख्तूनख्वा के प्रधानमंत्री के सूचना समन्वयक इख्तियार वली खान ने भी इसे फेसबुक पर पोस्ट किया।

असलियत क्या है?

‘डॉन’ की पड़ताल में सामने आया कि ‘द डेली टेलीग्राफ’ ने ऐसा कोई लेख प्रकाशित ही नहीं किया। वायरल हो रही तस्वीर एक डिजिटल रूप से एडिट की गई छवि है, जिसे जानबूझकर गलत सूचना फैलाने के लिए तैयार किया गया।

संसद में ग़लत सूचना का हवाला

सीनेट में एक जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री द्वारा इस तरह की असत्यापित और फर्जी जानकारी को आधिकारिक रूप से प्रस्तुत किया जाना पाकिस्तान की राजनीतिक गंभीरता और सूचनाओं की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। यह घटना बताती है कि कैसे प्रोपेगैंडा आधारित सूचनाएं संसद जैसे उच्च मंच तक पहुंच रही हैं। इस प्रकरण ने न केवल पाकिस्तान की सूचना पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि किस तरह सोशल मीडिया की अपुष्ट खबरें राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत बहस का हिस्सा बन रही हैं।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।