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आईएनएस तमाल ने इटली में नेपल्स बंदरगाह की यात्रा पूरी की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारतीय नौसेना ने नवीनतम व अत्याधुनिक युद्धक क्षमताओं से लैस युद्धपोत आईएनएस तमाल ने भारत आने के दौरान 13-16 अगस्त, 2025 तक इटली में नेपल्स बंदरगाह की यात्रा पूरी की। आईएनएस तमाल के इटली दौरे ने दोनों देशों के बीच सशक्त द्विपक्षीय संबंधों को उजागर किया है, जिन्हें औपचारिक रूप से 2023 में रणनीतिक साझेदारी के रूप में विस्तार दिया गया था।

आईएनएस तमाल ने नेपल्स बंदरगाह में प्रवेश करने से पहले इटली की नौसेना द्वारा हाल ही में कमीशन किए गए लैंडिंग हेलीकॉप्टर डॉक (एलएचडी) आईटीएस ट्राइस्टे के साथ एक पैसेज अभ्यास (पीएएसएसईएक्स) में भाग लिया। पीएएसएसईएक्स के दौरान संयुक्त अभियानों में संचार अभ्यास, युद्धाभ्यास और उड़ान संचालन तथा समुद्री सवारों का आदान-प्रदान शामिल था, पैसेज का समापन अंत में स्टीम पास्ट के साथ किया गया।

आईएनएस तमाल ने नेपल्स बंदरगाह पर प्रवास के दौरान, भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग व सहभागिता को बढ़ाने पर केन्द्रित अनेक गतिविधियों में भाग लिया। वरिष्ठ सैन्य एवं स्थानीय अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा और व्यावसायिक आदान-प्रदान इस यात्रा के मुख्य आकर्षण थे। कमांडिंग ऑफिसर ने इटली की नौसेना के लॉजिस्टिक्स कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल पियरपोलो बुद्री और नेपल्स की डिप्टी मेयर सुश्री लॉरा लिटो से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-इटली रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

आईएनएस तमाल तथा रोम स्थित भारतीय दूतावास ने स्थानीय प्रशासन, इटली की नौसेना और रोम स्थित राजनयिक कोर के अधिकारियों व  इटली स्थित संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रतिनिधियों एवं इतालवी रक्षा उद्योग के कारोबारियों के लिए जहाज पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इटली में भारत की राजदूत माननीय श्रीमती वाणी राव ने भी आईएनएस तमाल पर जहाज के चालक दल और इतालवी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की।

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भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त, 2025 को जहाज पर एक औपचारिक परेड आयोजित की गई। जहाज के चालक दल ने रोम स्थित भारतीय दूतावास में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया।

आईएनएस तमाल का बंदरगाह पर आगमन भारत द्वारा इटली के साथ अपने संबंधों को दिए जाने वाले महत्व तथा दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रयास को दर्शाता है। इसने दोनों देशों की नौसेनाओं को सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करने और संयुक्त सहयोग हेतु आगे के अवसरों का लाभ उठाने का अवसर भी प्रदान किया है। 16 अगस्त, 2025 को नेपल्स से प्रस्थान के बाद, यह युध्दपोत भारत में अपने घरेलू बंदरगाह तक पहुंचने के रास्ते में अन्य यूरोपीय एवं एशियाई देशों के बंदरगाहों का दौरा करेगा, जिससे समुद्री कूटनीति को बढ़ावा मिलेगा और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का सशक्तिकरण होगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।