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अपोलो टायर बना भारतीय क्रिकेट टीम का नया स्पॉन्सर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. एशिया कप के रोमांच के बीच बड़ी खबर आ रही है, जिसके मुताबिक टीम इंडिया को उसकी जर्सी का नया स्पॉन्सर मिल गया है. अपोलो टायर ने इस रेस में बाजी मारी है, जो कि अब टीम इंडिया की जर्सी पर ड्रीम 11 की जगह लेगा. अपोलो टायर से टीम इंडिया का करार 2027 तक के लिए हुआ है. इस दौरान भारत को लगभग 130 मैच खेलने हैं.

एक मैच के अपोलो टायर देगी इतने पैसे

अब सवाल ये है कि ये करार कितने का है? रिपोर्ट के मुताबिक अपोलो टायर एक मैच के लिए तकरीबन 4.5 करोड़ रुपये देगा, जो कि पिछली डील की रकम से 50 लाख रुपये ज्यादा है. ड्रीम 11 का करार एक मैच के लिए 4 करोड़ रुपये का था.

इन्हें हराकर अपोलो टायर बना स्पॉन्सर

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक टीम इंडिया का जर्सी स्पॉन्सर बनने की रेस में कैनवा और जेके टायर भी थे. लेकिन, अपोलो टायर ने उन दोनों को पीछे छोड़कर डील अपने नाम की है. इन सबके अलावा बिरला ऑप्टस पेन्टस ने भी स्पॉन्सर बनने की इच्छा दिखाई थी. मगर वो बोली लगाने नहीं उतरे.

16 सितंबर को लगी स्पॉन्सरशिप के लिए बोली

टीम इंडिया का स्पॉन्सर बनने के लिए बोली 16 सितंबर को लगाई गई थी, जबकि BCCI ने बोली के लिए 2 सितंबर को मांगा था. BCCI ने अपनी उस प्रेस रिलीज में साफ कर दिया था कि गेमिंग, बेटिंग, क्रिप्टो और टोबैको से जुड़ी कंपनियां स्पॉन्सरशिप के लिए आवेदन नहीं कर सकती. इन सबके अलावा बैंकिंग, फाइनेंशियल कंपनीज, स्पोर्ट्सवीयर बनाने वाली कंपनियों को भी BCCI ने स्पॉन्सरशिप की बोली से दूर रखा था.

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कब से टीम इंडिया की जर्सी पर दिखेगी अपोलो

टीम इंडिया फिलहाल एशिया कप 2025 में खेल रही है, जो कि UAE के दो शहरों अबू धाबी और दुबई में खेला जा रहा है. भारतीय टीम इस मल्टीनेशन टूर्नामेंट में बिना जर्सी के साथ खेल रही है. अपोलो टायर ने जरूर भारत की नई जर्सी स्पॉन्सरशिप हासिल की है. मगर उसके लोगो के इस टूर्नामेंट के बाद ही भारतीय टीम की जर्सी पर दिखने की संभावना है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।