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अर्जुन राम मेघवाल ने महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए शास्त्री भवन में ‘महिला आरोग्य कक्ष’ का उद्घाटन किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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सरकारी गलियारों में कार्यस्थल पर स्वास्थ्य को संस्थागत बनाने की दिशा में अपनी तरह की पहली पहल के अंतर्गत विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग ने आज महिला आरोग्यम कक्ष का उद्घाटन किया – जो कि विभाग की महिला कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से सोच-समझकर बनाया गया स्वास्थ्य, फिटनेस और कल्याण का स्थान है।

इस सुविधा का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधि सचिव डॉ. अंजू राठी राणा, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और महिला अधिकारियों की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर औपचारिक रूप से फीता काटकर, पट्टिका का अनावरण और नव विकसित स्थल का भ्रमण कर किया गया।

शास्त्री भवन परिसर में स्थित महिला आरोग्यम कक्ष को पहले इस्तेमाल न किए गए गैराज की जगह से अलग करके बनाया गया है — अब इसे जिम उपकरणों और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए एक निजी स्तनपान कक्ष के साथ एक जीवंत, स्वास्थ्य-केंद्रित क्षेत्र में बदल दिया गया है। इस सुविधा की परिकल्पना महिला कर्मचारियों के लिए शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और कार्य-जीवन संतुलन को प्रोत्साहित करने वाले स्थान के रूप में की गई है।

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श्री मेघवाल ने उद्घाटन समारोह में इस पहल के लिए विभाग की प्रशंसा की और इसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘हम फिट तो इंडिया फिट’ अभियान को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम बताया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एक सच्चे और समावेशी भारत के निर्माण के लिए महिला कर्मचारियों का कल्याण आवश्यक है, और उन्हें इस जगह का पूरा उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।

विधि सचिव डॉ. अंजू राठी राणा ने इस पहल के गहरे संदेश और पेशेवर व व्यक्तिगत ज़िम्मेदारियों के बीच अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने में महिलाओं के सामने आने वाली रोज़मर्रा की चुनौतियों के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “महिलाएं अक्सर दूसरों की देखभाल करते हुए अपनी भलाई को दरकिनार कर देती हैं। यह स्थान एक सौम्य अनुस्मारक है कि आत्म-देखभाल स्वार्थी नहीं है, बल्कि सशक्तीकरण का आधार है।” डॉ. राणा ने आगे कहा कि विभाग एक समावेशी कार्य वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो अपने कर्मचारियों के समग्र कल्याण को महत्व देता है।

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महिला आरोग्यम कक्ष सिर्फ़ एक स्वास्थ्य कक्ष से कहीं बढ़कर है—यह सरकारी कार्यालयों की हमारी कल्पना में एक शांत लेकिन दृढ़ बदलाव है। यह सिर्फ़ प्रशासनिक स्थान के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे कार्यस्थलों के रूप में है जो अपने यहां काम करने वालों की मानवीय ज़रूरतों को समझते हैं। फिट इंडिया अभियान और विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह पहल गरिमा, स्वास्थ्य और समावेशिता को संस्थागत संस्कृति के केंद्र में रखती है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।