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कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अजय देवगन की आजाद से हुआ दुगुना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

मुंबई. आखिरकार कई बार रिलीज डेट टलने और विवादों में रहने के बाद 17 जनवरी को सिनेमाघरों में कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी रिलीज हो गई है. लेकिन इस बार फिल्म की बॉक्स ऑफिस टक्कर अजय देवगन की फिल्म आजाद से हुई है, जिससे एक्टर के भांजे अमान देवगन और रवीना टंडन की बेटी राशा थड़ानी ने बॉलीवुड डेब्यू किया है. दोनों ही फिल्मों की ओपनिंग कम देखने को मिली थी. लेकिन दूसरे दिन आंकड़ों में बढ़ोत्तरी हुई. हालांकि आजाद को इमरजेंसी ने ऐसी धोबी पछाड़ दी की कलेक्शन के मामले में कंगना रनौत की फिल्म इससे आगे निकल गई.

बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क के शुरूआती आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन 2.5 करोड़ की ओपनिंग इमरजेंसी ने हासिल की है. दूसरे दिन यह आंकड़ा 3.50 करोड़ का रहा. इसके चलते भारत में फिल्म की कमाई 6 करोड़ की रही है. हालांकि फिल्म का बजट 60 करोड़ का बताया जा रहा है, जिसे हासिल करने की उम्मीद अभी दूर है. वहीं राशा थड़ानी और अमान देवगन की डेब्यू फिल्म की बात करें तो 1.50 करोड़ की ओपनिंग हासिल करने के बाद दूसरे दिन भी फिल्म का आंकड़ा 1.50 करोड़ ही रहा है. इसके चलते आजाद का कलेक्शन 3 करोड़ हासिल हुआ है.

इमरजेंसी में कंगना रनौत न केवल एक्टिंग बल्कि निर्देशन की जिम्मेदारी संभालती हुई नजर आ रही हैं. उन्होंने इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है. जबकि फिल्म में 1975 के राजनीतिक परिदृश्य को जीवांत किया गया है. वहीं अनुपम खेर जयप्रकाश नारायण के रूप में, श्रेयस तलपड़े युवा अटल बिहारी वाजपेयी के रूप में, और मिलिंद सोमन फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के रूप में एक्टिंग करते हुए नजर आ रहे हैं.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।