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भारत ने बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय के नेता भाबेश चंद्र रॉय की हत्या पर जताई नाराजगी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारत ने बांग्लादेश में प्रमुख हिंदू समुदाय के नेता भाबेश चंद्र रॉय की हत्या की कड़ी निंदा की है. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि एक बार फिर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को याद दिलाएं कि वह बिना कोई बहाना बनाए या भेदभाव किए, हिंदुओं सहित सभी अल्पसंख्यकों की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी निभाए.

प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने लिखा है, “हम बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक नेता श्री भाबेश चंद्र रॉय के अपहरण और नृशंस हत्या पर दुख व्यक्त करते हैं. यह हत्या अंतरिम सरकार के तहत हिंदू अल्पसंख्यकों के व्यवस्थित उत्पीड़न के एक पैटर्न को दिखाती है. पिछली ऐसी घटनाओं के अपराधी बेखौफ होकर घूम रहे हैं. हम इस घटना की निंदा करते हैं और एक बार फिर अंतरिम सरकार को याद दिलाते हैं कि वह बिना कोई बहाना बनाए या भेदभाव किए, हिंदुओं सहित सभी अल्पसंख्यकों की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी निभाए.”

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि 58 वर्षीय हिंदू समुदाय के नेता भाबेश चंद्र रॉय को उत्तरी बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले में उनके घर से कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया और पीट-पीटकर मार डाला गया. द डेली स्टार ने पुलिस और परिवार के सदस्यों के हवाले से कहा कि भाबेस रॉय की बॉडी गुरुवार रात को बरामद की गई. उनकी पत्नी शांताना ने कहा कि उन्हें शाम करीब साढ़े चार बजे एक फोन आया और दावा किया कि अपराधियों ने घर पर उनकी मौजूदगी की पुष्टि करने के लिए फोन किया था.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।