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सुपरमैन की फिल्मों के खलनायक अभिनेता टेरेंस स्टैम्प का 87 वर्ष की आयु में निधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. सुपरमैन की फिल्मों में जनरल जॉड का किरदार निभाने वाले टेरेंस स्टैम्प का निधन हो गया है। एक्टर ने 87 की उम्र में अंतिम सांस ली है। सुपरमैन की फिल्मों में ये अपनी विलेन की भूमिका निभाने के लिए जाने जाते थे। एक्टर की फैमिली ने उनके निधन की जानकारी दी है। अब इस दुखद खबर से हॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।

परिवार ने क्या कहा?

टेरेंस स्टैम्प के परिवार ने रॉयटर्स को बयान देते हुए एक्टर के निधन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि टेरेंस स्टैम्प एक्टर और लेखक के रूप में अपनी पहचान छोड़ गए हैं। उनकी ये इमेज आने वाले समय में लोगों को प्रेरित करेगी। हम इस दुखद समय में आप सबसे निजता की प्रार्थना कर रहे हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।’

ऑस्कर में भी हुए थे नॉमिनेट

टेरेंस 1960 के दशक में इंडस्ट्री के टॉप एक्टर्स की लिस्ट में शामिल थे। पर्सनली वो जितने शानदार थे उतना ही उनका इंडस्ट्री का सफर भी शानदार रहा। अपने करियर के शुरुआती दौर में ही एक्टर को ऑस्कर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट भी किया गया था। साल 1978 में आई सुपरमैन और साल 1980 में आए उसके सीक्वल में एक्टर ने विलेन की भूमिका निभाकर ऑडियंस का दिल जीत लिया था। उनका किरदार जनरल जॉड आज भी ऑडियंस के दिलों में बसता है।

इन फिल्मों से बनाई पहचान

लंदन के ईस्ट एंड में जन्मे टेरेंस का बचपन काफी मुश्किल दौर में गुजरा था। वो सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बम धमाकों में बाल-बाल बचे थे। इसके बाद उन्होंने स्कूल छोड़ अपने करियर की ओर ध्यान दिया और उन्होंने विज्ञापन से अपने करियर की शुरुआत की। वहीं एक्टर ‘सुपरमैन’ जैसी मूवीज के साथ-साथ 1968 में ‘थ्योरम’, 1971 में ‘ए सीजन इन हेल’, और कल्ट क्लासिक ‘द एडवेंचर्स ऑफ प्रिसिला, क्वीन ऑफ द डेजर्ट जैसी फिल्मों में भी काम कर अपनी पहचान बनाई थी।

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साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।