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मन्दिर की दानराशि एवं संपत्ति का उपयोग हिन्दू समाज के लिए हो – विहिप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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हस्तिनापुर, मेरठ। विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल की त्रि-दिवसीय बैठक के दूसरे दिन विभिन्न संगठनात्मक विषयों के अतिरिक्त दो विषयों पर गंभीरता से चर्चा कर वक्तव्य जारी किए गए। जिसमें से एक राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ से संबंधित है, दूसरी ओर सदन ने यह तय किया कि मंदिर की दान की राशि व चल अचल संपत्ति का उपयोग हिन्दू समाज के लिए ही हो।

बैठक में धर्मांतरण को रोकने और घर वापसी को व्यापक रूप से प्रोत्साहित करने हेतु भी एक कार्य योजना बनी तथा इन विषयों पर एक पुस्तक “घर वापसी -क्यों और कैसे” के हिंदी व अंग्रेजी संस्करण का विमोचन किया गया। बैठक में गौ रक्षा व गौ संवर्धन” पर बल देते हुए चर्चा हुई तथा इस विषय पर संगठन द्वारा निकाले जाने वाली मासिक पत्रिका “गऊ संपदा” के ताजा अंक का भी विमोचन किया गया।

  1. मन्दिर की दानराशि एवं चल- अचल सम्पत्ति का उपयोग हिन्दू समाज के लिए ही हो

  1. राष्ट्रगीत वन्देमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर वक्तव्य ।

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साभार : विश्व संवाद केंद्र

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।