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इजरायल के गाजा पर हालिया हमले के कारण मारे गए 70 से अधिक लोग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जेरुसलम. इजरायली सेना ने गाजा पर महाविनाशकारी हमला किया है। इस हमले में काफी संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार गाजा में इजरायल का यह हमला बुधवार को रातभर से और बृहस्पतिवार को सुबह भी जारी है। इन हमलों में बड़ी संख्या में फिलस्तीनी मारे गए हैं। गाजा में चिकित्सकों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी है। चिकित्सकों ने बताया कि दक्षिणी गाजा के खान यूनिस और रफा शहरों तथा उत्तरी शहर बेत लाहिया में स्थित मकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि उन्होंने अभी मौतों की कुल संख्या नहीं बताई है। अलजजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार सुबह-सुबह गाजा के उत्तर और दक्षिण में हुए इस हमले में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

इजरायल-हमास में टूटा संघर्ष विराम

इजरायल हमास में संघर्ष विराम करीब एक हफ्ते पहले ही टूट चुका है। इसके बाद से इजरायली सेना लगातार गाजा पर भीषण हमले कर रही है। 3 दिनों पहले भी गाजा पर इजरायल ने बड़ा हमला किया था, जिसमें 400 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इजरायली बंधकों को रिहा नहीं किए जाने से हमास पर खफा हो गए हैं। लिहाजा उन्होंने अपनी सेना को फिर से हमास पर बड़े हमले करने का आदेश दे दिया है। इसके बाद इजरायली सेना ने उत्तरी और दक्षिणी गाजा में जमीनी अभियान भी शुरू कर दिया है।

नेतन्याहू ने क्यों कहा कि “अभी तो ये हमलों का आगाज है”

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार तक गाजा में 400 से ज्यादा मौतें हो जाने के बाद कहा कि अभी तो ये हमलों का आगाज है। अभी हमास का पूरी तरह खात्मा करना हमारा लक्ष्य है। इजरायली पीएम ने कहा कि अगर हमास बंधकों को रिहा नहीं करता तो उसे इससे भी ज्यादा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। बता दें कि गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सीजफायर टूटने के बाद मंगलवार के हमले में गाजा में 436 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 183 बच्चे भी शामिल थे।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।