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सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर दिशा सालियान के पिता ने आदित्य ठाकरे पर लगाए गंभीर आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है. दिशा के पिता सतीश सालियान अब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे हैं जहां उन्होंने मांग की है कि उनकी बेटी की मौत की जांच नए सिरे से की जाए. उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है. दिशा सालियान के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के साथ पहले रेप किया गया था और फिर उसका मर्डर कर दिया गया. उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए इस मामले में राजनीतिक रूप से साजिश की गई है. सतीश सालियान ने हाईकोर्ट से अपील की है कि उनकी बेटी की मौत की इन्वेस्टीगेशन सीबीआई को ट्रांसफर कर दी जाए.

आदित्य ठाकरे की हिमायत में बोले संजय राउत

दिशा सान्याल के पिता के आरोपों पर शिव सेना नेता संजय राउत ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ये मर्डर नहीं, एक्सीडेंट ही था. 5 साल बाद याचिका दाखिल की गई, उसके पीछे क्या राजनीति थी? ये औरंगजेब की कब्र खोदना चाहते थे लेकिन औरंगजेब इनके कंधे पर आकर बैठ गया. औरंगजेब से छुटकारा पाना के लिए सरकार दिशा का सहारा ले रही है. शिवसेना यूबीटी आक्रामक तरीके से राज्य के मुद्दे उठा रही है. इसलिए आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की कोशिश चल रही है. दिशा सालियान के पिता के पीछे कोई है.

क्या है मामला?

बता दें कि 8 जून, 2020 को एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद दिशा सालियान की मौत हो गई थी. पुलिस ने तब एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) का मामला दर्ज किया था. दिशा बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर थीं. दिशा की मौत के 6 दिन बाद ही14 जून, 2020 को सुशांत भी अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।