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एक्सिस बैंक ने प्रोजेक्ट नमन का समर्थन करने हेतु भारतीय सेना और कॉमन सर्विस सेंटर ई-गवर्नेंस ने की साझेदारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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* बैंक सेना के दिग्गजों, युद्ध विधवाओं और निकटतम परिजनों (एनओके) के लिए पेंशन संबंधी सहायता प्रदान करने हेतु सुविधा केंद्र स्थापित करेगा
* कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) 13 राज्यों में 25 भारतीय सेना दिग्गज निदेशालय (डीआईएवी) स्थानों पर पेंशन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए केंद्र स्थापित करेगा

 मुंबई. भारत में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकों में से एक, एक्सिस बैंक ने सेना के दिग्गजों और उनके परिवारों के लिए एक समर्पित पहल, प्रोजेक्ट नमन का समर्थन करने के लिए भारतीय सेना और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज़ इंडिया लिमिटेड के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। एमओयू समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल रणजीत सिंह, डीजी डीसी एंड डब्ल्यू; ब्रिगेडियर मंदीप सिंह, एसएम, ब्रिग, डीआईएवी; श्री मोहित जैन, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट- भारत बैंकिंग, एक्सिस बैंक और श्री हरीश ओबेरॉय, वाइस प्रेसिडेंट, सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज़ इंडिया लिमिटेड उपस्थित रहे । इस परियोजना के तहत, एक्सिस बैंक सेना के दिग्गजों, युद्ध विधवाओं और एनओके को आवश्यक सेवाएँ प्रदान करने के लिए सुविधा केंद्रों की स्थापना का समर्थन करेगा।

वर्ष 2023 में शुरू किया गया प्रोजेक्ट नमन, रक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए डिजिटल पेंशन सिस्टम स्पर्श (सिस्टम फॉर पेंशन एडमिनिस्ट्रेशन- रक्षा) को लागू करने पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य रक्षा कर्मियों के लिए पेंशन संबंधी प्रक्रियाओं को सुगम बनाना है। इस साझेदारी के तहत, 1 3 राज्यों में 25 डीआईएवी स्थानों पर सीएससी स्थापित किए जाएँगे, जिनमें महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, पंजाब, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम, नगालैंड, राजस्थान और अन्य शामिल हैं। ये सुविधा केंद्र विभिन्न प्रश्नों और चिंताओं को संभालने के लिए सुसज्जित होंगे, जो राष्ट्र की सेवा करने वालों के लिए व्यापक समर्थन प्रदान करेंगे।

प्रत्येक सीएससी केंद्र का प्रबंधन एक विलेज लेवल आंत्रप्रेन्योर (वीएलई) द्वारा किया जाएगा, जिसे स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (एलएमए) द्वारा सेना के दिग्गजों या निकटतम परिजनों में से चुना जाएगा। सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज़ इंडिया लिमिटेड इन वीएलई को शामिल करेगा और उन्हें दिग्गजों और उनके परिवारों की सेवा के लिए प्रशिक्षित करेगा। ये केंद्र स्पर्श-सक्षम पेंशन सेवाओं, सरकार-से-नागरिक (जीटूसी) सेवाओं और व्यवसाय-से-उपभोक्ता (बीटूसी) पेशकशों के लिए एकल-खिड़की मंच के रूप में भी कार्य करेंगे।

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इस साझेदारी के बारे में बोलते हुए, श्री मुनीश शारदा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एक्सिस बैंक, ने कहा , “एक्सिस बैंक में, हमें भारतीय सेना और सीएससी ई-गवर्नेंस के साथ प्रोजेक्ट नमन का समर्थन करने के लिए साझेदारी करके बहुत गर्व महसूस हो रहा है। यह सहयोग राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता और उन रक्षा कर्मियों के प्रति हमारी हार्दिक कृतज्ञता को रेखांकित करता है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा की है। हमें विश्वास है कि यह साझेदारी सेना के दिग्गजों और उनके परिवारों के लिए एक अधिक समावेशी और सहायक वातावरण बनाने में मदद करेगी।”

इस अवसर पर बोलते हुए, ब्रिगेडियर मंदीप सिंह, एसएम्, ब्रिग, डीआईएवी, ने कहा , “यह साझेदारी हमारे दिग्गजों और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एक्सिस बैंक और सीएससी ई-गवर्नेंस के समर्थन से, हम उन लोगों को सहज और सम्मानजनक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा की है।”

संजय राकेश, प्रबंध निदेशक और सीईओ, सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज़ इंडिया लिमिटेड, ने कहा, “सीएससी में, हमें प्रोजेक्ट नमन में योगदान देने पर गर्व है, जो सेना के दिग्गजों और उनके परिवारों को डिजिटल समावेशन के माध्यम से सशक्त बनाने के हमारे साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है। डीआईएवी स्थानों पर सुविधा केंद्र स्थापित करके, हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि महत्वपूर्ण पेंशन और कल्याण सेवाएँ देश के सबसे दूरस्थ हिस्सों तक पहुँचें।”

प्रोजेक्ट नमन के तहत यह सहयोग कृतज्ञता और प्रगति का प्रतीक है, जो उन लोगों के लिए आवश्यक वित्तीय सेवाओं को करीब लाता है, जिन्होंने गर्व और साहस के साथ राष्ट्र की सेवा की है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।