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परिचालन तैनाती के तहत आईएनएस तेग मॉरीशस के पोर्ट लुईस पहुंचा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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दक्षिण पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी परिचालन तैनाती के तहत आईएनएस तेग 19 से 22 जून 2025 तक पोर्ट लुइस, मॉरीशस का दौरा कर रहा है। यह जहाज मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड (एनसीजी) के जहाजों और विमानों के साथ मिलकर मॉरीशस के ईईजेड की संयुक्त निगरानी करेगा और वैश्विक साझा संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अवैध, अप्रतिबंधित और अनियमित (आईयूयू) मछली पकड़ने की समस्या से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगा। यह क्षेत्र में सहकारी समुद्री सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना की साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है। यह जहाज 21 जून 2025 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में एक संयुक्त योग सत्र का आयोजन भी करेगा , जिसमें भारतीय नौसेना, एनसीजी के कर्मचारी और भारतीय प्रवासी सदस्य शामिल होंगे।

भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े के एक स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तेग को 27 अप्रैल 2012 को कमीशन किया गया था। पोर्ट लुइस में अपने बंदरगाह कॉल के दौरान, जहाज की गतिविधियों में पेशेवर और सामाजिक बातचीत, एनसीजी कर्मियों का बंदरगाह प्रशिक्षण, सामुदायिक सेवा और खेल गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। 19 जून को पोर्ट लुइस पहुंचने पर, कमांडिंग ऑफिसर ने सीओएमसीजी, पुलिस आयुक्त और कैबिनेट सचिव से मुलाकात की और भारत-मॉरीशस समुद्री सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

मॉरीशस एनसीजी कर्मियों को आईएनएस तेग पर अग्निशमन, क्षति नियंत्रण और बुनियादी नाविक कौशल जैसे विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है। यहां आईएनएस तेग के चालक दल को एनसीजी की सुविधाओं से परिचित कराया जाएगा। एनसीजी के कर्मियों के लिए मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम और जहाज के चालक दल के लिए मनोरंजक गतिविधियों की भी योजना बनाई गई है।

इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करना है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।