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डीजीआर द्वारा सशस्त्र बलों के अधिकारियों के लिए विशेष रूप से आयोजित रोजगार मेला सम्पन्न

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रक्षा मंत्रालय के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग (डीईएसडब्‍ल्‍यू) के पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) ने 20 जून, 2025 को नई दिल्ली में सशस्त्र बलों के अधिकारियों के लिए विशेष रूप से एक रोजगार मेले का आयोजन किया। तीनों सेनाओं के 500 से अधिक सेवानिवृत्त/सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों ने रोजगार की तलाश में तथा इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए www.esmhire.com वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कराया। कुल 41 पंजीकृत कंपनियों में से 25 ने मेले में 100 से अधिक नौकरियों की पेशकश की। चुने गए अधिकारियों का साक्षात्कार/स्क्रीनिंग की जाएगी तथा बाद में उन्हें मध्यम से वरिष्ठ रैंक/स्तर के प्रबंधक, प्रशासक, रणनीतिक योजनाकार और परियोजना निदेशक के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

इस कार्यक्रम ने रोजगार के अवसर तलाश रहे अधिकारियों और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट संस्थाओं को एक साझा मंच प्रदान किया। जहां वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी सेवा के दौरान अर्जित तकनीकी और प्रशासनिक कौशल का प्रदर्शन करने का मंच मिला, वहीं कॉर्पोरेट्स को अनुभवी, अनुशासित और कुशल अधिकारियों के समूह से जुड़ने का अवसर मिला।

सचिव (ईएसडब्ल्यू) डॉ नितेन चंद्रा के साथ जनरल ऑफिसर कमांडिंग (दिल्ली) लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार और महानिदेशक, पुनर्वास डीजीआर मेजर जनरल एसबीके सिंह ने अधिकारियों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों की सभा को संबोधित किया। महानिदेशक एसआईडीएम श्री रमेश के, संयुक्त सचिव डीईएसडब्ल्यू श्री अजय कुमार और सचिव केंद्रीय सैनिक बोर्ड ब्रिगेडियर डीएस बसेरा भी इस कार्यक्रम का हिस्सा थे।

इस कार्यक्रम को दिल्ली एनसीआर और आस-पास के क्षेत्रों से अधिकारियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। रोजगार मेला डीजीआर की एक पहल है जो भूतपूर्व सैनिकों को दूसरा आजीविका विकल्प प्रदान करती है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।