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यदि राजमार्ग पर लम्बा जाम लगे, तो यात्री क्यों दें टोल टैक्स : सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट ने टोल शुल्‍क को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. इसके बाद रोजाना टोल से गुजरने वाले लोगों के मन में भी ये बात जरूर उठ रही होगी कि फिर हम क्‍यों ‘टोल टैक्‍स’ दें? दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से पूछा कि अगर केरल के त्रिशूर में 65 किलोमीटर लंबे राजमार्ग को तय करने में 12 घंटे लगते हैं, तो किसी यात्री को 150 रुपये के टोल (शुल्क) का भुगतान करने के लिये क्यों कहा जाए? प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई, न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने यह टिप्पणी एनएचएआई और टोल वसूलने का अधिकार रखने वाली कंपनी ‘गुरुवायूर इंफ्रास्ट्रक्चर’ द्वारा दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए की. क्‍या आप जानते हैं कि कई परिस्थिति में आम लोगों को भी टोल टैक्‍स में छूट का नियम है? आइए हम आपको बताते हैं कि टोल पर क्या हैं आपके अधिकार.

देशभर के टोल नाकों से प्रतिदिन करोड़ों की संख्या में वाहन गुजरते हैं. ये टोल प्‍लाजा लोगों के सफर को आसान बनाते हैं. लेकिन कई बार ये लोगों की परेशानी का सबब भी बन जाते हैं. ऐसी स्थितियों के लिए नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की ओर से कई नियम बनाए गए हैं. इनमें से एक नियम टोल प्‍लाजा पर लगने वाले समय को लेकर भी है. अगर टोल प्लाजा पर एक तय समय से ज्यादा देर तक किसी गाड़ी को रुकने के लिए मजबूर होना पड़ता है, तो फिर उसे टोल नहीं देना होगा.

अगर 10 सेकेंड से ज्‍यादा रुकना पड़े

टोल प्‍लाजा लोगों के समय को बचाने के लिए बनाए गए हैं. इसके लिए लोग भुगतान भी करते हैं. लेकिन यदि ये टोल प्‍लाजा ही जब आपका समय बर्बाद करें, तो फिर टोल टैक्‍स में छूट दी जाती है. यदि आपको किसी टोल प्लाजा पर 10 सेकेंड से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है, तो आप बिना टोल दिए जा सकते हैं. साल 2021 में NHAI की ओर से यह नियम लाया गया था. हालांकि, ज्‍यादातर लोगों को ये नियम पता ही नहीं है.

100 मीटर से लंबी लाइन, तो फिर…

टोल प्‍लाजा पर जब से फास्टैग (FASTag) का नियम लागू हुआ है, तब से किसी गाड़ी को निकलने में वहां से चंद सेकेंड का समय लगता है. अब देशभर के ज्‍यादातर टोल प्‍लाजा पर FASTag के जरिए ही गुजरना पड़ता है. FASTag के बिना बहुत ज्‍यादा टोल टैक्‍स देना पड़ता है. ऐसे में अगर किसी टोल प्लाजा पर वाहनों की लाइन 100 मीटर से अधिक है, तो आपको टोल टैक्स नहीं देना होगा.

20 किलोमीटर में घर है, तो छूट

टोल प्‍लाजा के नजदीक कई लोगों के घर होते हैं, जिन्‍हें दिन में कई-कई बार यहां से गुजरना पड़ता है. NHAI के नियमों के मुताबिक, जिन लोगों के घर टोल प्लाजाओं के पास हैं. उन लोगों को भी टोल देने को लेकर छूट मिलती है. एनएचएआई के नियमों के अनुसार, जिसका टोल प्लाजा से 20 किमी तक की दूरी पर है. उसे टोल टैक्स पर छूट मिलती है. हालांकि, आपको इस बात का प्रमाण देना होता है कि आपका घर टोल प्लाजा के पास है.

संवैधानिक पद आसीन इन लोगों को भी छूट

  • भारत के राष्ट्रपति
  • भारत के उपराष्ट्रपति
  • भारत के प्रधानमंत्री
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश
  • लोकसभा के अध्यक्ष
  • राज्यों के राज्यपाल
  • राज्यों के मुख्यमंत्री
  • सुप्रीम कोर्ट के जज
  • हाई कोर्ट के जज
  • संसद सदस्य (सांसद)
  • विधानसभाओं के सदस्य (विधायक, यह छूट आमतौर पर सिर्फ उनके संबंधित राज्यों के भीतर लागू)

सेना के जवानों को छूट!

एनएचएआई के नियमों के अनुसार, सेना के जवान अगर सरकारी काम से जा रहे हैं या फिर सेना के किसी वाहन में सवार हैं, तो उन्हें टोल टैक्स नहीं देना होता है. इसके अलावा अगर जवान के पास ट्रांजिट पास होता है, तो भी वो उसे टोल प्लाजा पर दिखा सकते हैं. ड्यूटी पर तैनात जवानों या फिर किसी काम के लिए निकले सैनिकों को टोल प्लाजा पर नहीं रोका जा सकता है.

इन सम्‍मानित व्‍यक्तियों को भी नहीं देना होता Toll Tax

देश का सम्‍मान बढ़ाने वाले कुछ लोगों को टोल टैक्‍स में छूट का नियम है. भारत सरकार की ओर से खास लोगों को देश के लिए सेवा करने के लिए पुरस्कार दिया जाता है. इसमें परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र विजेता शामिल हैं. इन लोगों को बस, टोल प्लाजा पर अपना फोटो आईडी कार्ड दिखाना होता है. इसके आधार पर इन्‍हें टोल टैक्‍स में छूट मिलती है.

साभार : एनडीटीवी

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