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विपक्ष ने भी दक्षिण भारत पर चला दांव, सुदर्शन रेड्डी को बनाया उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने आज उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष ने अपना उम्मीदवार बनाया है। इसका ऐलान आज की मीटिंग के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया है। खड़गे ने कहा कि ‘बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है।’

कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी?

मल्लिकार्जुन खड़गे ने बी. सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष की तरफ से उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया है। उन्होंने बताया कि ‘भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है।’ बता दें कि सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट में जज के पद पर रह चुके हैं। खड़गे ने बताया कि ‘वह आंध्र प्रदेश HC के न्यायाधीश, गुवाहाटी HC के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में काम कर चुके हैं। साथ ही, वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के लिए भी काम करते रहे हैं।’ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुदर्शन रेड्डी को 12 जनवरी 2007 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का एडिशनल जज बनाया गया था। सुदर्शन रेड्डी 8 जुलाई 2011 को रिटायर हुए थे।

गरीबों का साथ देने वाले- खड़गे

खड़गे ने कहा कि ‘वे एक गरीब व्यक्ति हैं और अगर आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीबों का पक्ष लिया और संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा की है।’ खड़गे ने बताया कि उनके नाम का ऐलान सबकी सहमति मिलने के बाद ही किया गया है। बता दें कि NDA की तरफ से उपराष्ट्रपति पद के लिए CP राधाकृष्णन का नाम दिया गया है।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।