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दक्षिण अफ्रीका ने अफगानिस्तान को 107 रन के बड़े अंतर से हराया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका ने अफगानिस्तान को 107 रन से हरा दिया। शुक्रवार को चैंपियंस ट्रॉफी का तीसरा मैच दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच कराची में खेला गया। इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टेम्बा बावुमा की अगुआई वाली टीम ने 50 ओवर में सात विकेट खोकर 315 रन बनाए। जवाब में अफगानिस्तान की टीम 43.3 ओवर में सिर्फ 208 रन बना सकी और ऑलआउट हो गई। इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ग्रुप बी की अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया।

100+ रनों के अंतर से अफगानिस्तान की चौथी सबसे बड़ी हार

100 से ज्यादा रनों के अंतर से अफगानिस्तान को आईसीसी के किसी वनडे टूर्नामेंट में चौथी बार सबसे बड़ी शिकस्त मिली है। विश्व कप 2015 में ऑस्ट्रेलिया ने इस टीम को 275 रन से हराया था। इसके बाद 2019 विश्व कप में उन्हें 150 रन और विश्व कप 2023 में 149 रन से हराया था।

आईसीसी के वनडे टूर्नामेंट में अफगानिस्तान की सबसे बड़ी शिकस्त

हार का अंतरविपक्षी टीमस्थानटूर्नामेंटवर्ष
275 रनऑस्ट्रेलियापर्थक्रिकेट विश्व कप2015
150 रनइंग्लैंडओल्ड ट्रैफर्डक्रिकेट विश्व कप2019
149 रनन्यूजीलैंडचेन्नईक्रिकेट विश्व कप2023
107 रनदक्षिण अफ्रीकाकराचीचैंपियंस ट्रॉफी2025
105 रनबांग्लादेशकैनबराक्रिकेट विश्व कप2015

अफगानी बल्लेबाजों ने किया निराश

लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम के बल्लेबाजों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। उनकी तरफ से रहमत शाह ने सर्वाधिक 90 रनों की पारी खेली। उनके अलावा पांच बल्लेबाज 20 का आंकड़ा भी नहीं छू सके जबकि दो बल्लेबाज अपने निजी स्कोर को दहाई में तब्दील नहीं कर सके। इस दौरान कप्तान हशमतुल्लाह शहीदी और फजलहक फारुकी खाता भी नहीं खोल सके। दक्षिण अफ्रीका के लिए कगिसो रबाडा ने तीन विकेट लिए जबकि लुंगी एनगिडी और वियान मुल्डर ने दो-दो सफलताएं हासिल कीं। वहीं, मार्को यानसेन और केशव महाराज को एक-एक विकेट मिला।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।