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कोर्ट ने जॉली एलएलबी 3 के लिए अक्षय कुमार और अरशद वारसी को समन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. बॉलीवुड की मच अवेटिड फिल्मों में से एक जॉली एलएलबी 3 को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं. फिल्म का एक छोटा सा टीजर सामने आया, जिसको फैंस काफी पसंद कर रहे हैं. फिल्म में इस बार दो जॉली नजर आने वाले हैं. फिल्म के दोनों लीड्स यानी अक्षय कुमार और अरशद वारसी की जोड़ी थिएटर्स में धमाल मचाने के लिए तैयार है. साथ ही सौरभ शुक्ला की दमदार कॉमिक टाइमिंग को देखने के लिए फैंस से इंतजार नहीं हो रहा. हालांकि, इसी बीच अक्षय और अरशद फिल्म को लेकर बड़े विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं. अक्षय कुमार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ रिलीज से पहले विवादों में आ गई है. महाराष्ट्र के पुणे की एक अदालत ने अक्षय और अरशद को नोटिस जारी किया है.

अक्षय-अरशद को कोर्ट का नोटिस

कोर्ट ने अरशद वारसी और अक्षय कुमार को नोटिस जारी किया है. ये नोटिस उन आरोपों के बाद जारी किया गया, जिसमें कहा गया था कि फिल्म कानूनी पेशे और न्यायपालिका का अपमान करती है. पुणे के वकील वाजिद खान बिडकर ने इस याचिका को दायर किया था, जिन्होंने दावा किया कि फिल्म कानूनी व्यवस्था और अदालती कार्यवाही का मजाक उड़ाती है. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि फिल्म में वकील, जज को मामू कहकर बुलाते हैं और ये कोर्ट का सीधा-सीधा अपमान है.

पहले भी हुआ था विवाद

वकील वाजिद खान बिडकर ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि जॉली एलएलबी 3 कानूनी पेशे को अपमानजनक तरीके से पेश करती है और न्यायपालिका का अपमान करती है. नोटिस जारी करते हुए, अदालत ने अक्षय कुमार और अरशद वारसी को 28 सितंबर को अदालत में पेश होने को कहा है. ये पहली बार नहीं है, जब जॉली एलएलबी 3 को लेकर विवाद हुआ है. मई 2024 में भी फिल्म कानूनी पचड़े में पड़ गई थी, जब अजमेर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रभान ने फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यह फ्रेंचाइजी भारतीय न्यायपालिका का अपमान करती है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।