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अमेरिका के लिए भारत बहुत महत्वपूर्ण, इसके हैं 5 प्रमुख कारण : निक्की हेली

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वाशिंगटन. संयुक्त राष्ट्र में पूर्व अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से चीन का मुकाबला करने के लिए भारत को एक मूल्यवान स्वतंत्र और लोकतांत्रिक साझेदार के रूप में देखने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि नई दिल्ली के साथ “25 वर्षों से संबंधों में आई तेजी को बाधित करना” एक “रणनीतिक आपदा” होगी। न्यूज़वीक के लिए लिखे एक लेख में हेली ने भारत और चीन के बीच एक मजबूत साझेदारी को बेहद आसान बताया और इस बात पर ज़ोर दिया कि एक लोकतांत्रिक भारत का उदय “कम्युनिस्ट-नियंत्रित चीन के विपरीत” मुक्त दुनिया के लिए खतरा नहीं है।

 1-भारत चीन जैसा विरोधी नहीं है

निक्की हेली ने ट्रंप को सलाह देते हुए कहा कि भारत के साथ एक बहुमूल्य स्वतंत्र और लोकतांत्रिक साझेदार की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए। भारत चीन जैसा विरोधी नहीं, जो अब तक रूस से तेल खरीद पर प्रतिबंधों से बचता रहा है, जबकि वह मास्को का सबसे बड़ा ग्राहक है। अगर यह असमानता अमेरिका-भारत संबंधों पर गहरी नज़र डालने की मांग नहीं करती, तो कठोर शक्ति की वास्तविकताओं पर ध्यान देना चाहिए। एशिया में चीनी प्रभुत्व का प्रतिकार करने वाले एकमात्र देश के साथ “25 वर्षों से संबंधों में आई तेजी को बाधित करना” एक “रणनीतिक आपदा” होगी।

2. भारत में चीन के बराबर बड़े पैमाने पर वस्तुओं का निर्माण करने की क्षमता

निक्की हेली ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत में चीन के बराबर बड़े पैमाने पर वस्तुओं का निर्माण करने की क्षमता है, जिससे अमेरिका महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को बीजिंग से दूर स्थानांतरित कर सकता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमताएं और मध्य पूर्व में उसकी सक्रिय भूमिका क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

 3.मध्य पूर्व में भारत का प्रभाव ज़रूरी साबित हो सकता है

मध्य पूर्व में भारत का बढ़ता प्रभाव और सुरक्षा भागीदारी इस क्षेत्र को स्थिर करने में मदद करने के लिए ज़रूरी साबित हो सकती है क्योंकि अमेरिका वहां कम सैनिक और डॉलर भेजना चाहता है। चीन के महत्वपूर्ण व्यापार और ऊर्जा प्रवाह के केंद्र में भारत का स्थान किसी बड़े संघर्ष की स्थिति में बीजिंग के विकल्पों को जटिल बना सकता है।

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4.भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है

हेली ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत जल्द ही जापान को पीछे छोड़ देगा। उन्होंने आगे कहा कि भारत का तेज़ी से बढ़ता उदय वैश्विक व्यवस्था को नया आकार देने की चीन की महत्वाकांक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा सीधे शब्दों में कहें तो, जैसे-जैसे भारत की शक्ति बढ़ेगी, चीन की महत्वाकांक्षाएं कम होती जाएंगी।

5. ‘अमेरिका के साथ भारत की साझेदारी अमेरिका के हितों की पूर्ति करेगी

उन्होंने भारत के परस्पर विरोधी आर्थिक हितों और चीन के साथ चल रहे क्षेत्रीय विवादों पर भी प्रकाश डाला और 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ साझेदारी अमेरिका के हितों की पूर्ति करेगी और भारत को अपने तेज़ी से आक्रामक होते उत्तरी पड़ोसी का आर्थिक और सैन्य दोनों ही रूपों में सामना करने में मदद करेगी।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।