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बांग्लादेश की सेना का फाइटर प्लेन क्रैश होने के कारण 19 लोगों की हुई मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

ढाका. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक खौफनाक विमान हादसे में कम से कम 19 लोगों की जान चली गई. बांग्लादेश एयर फोर्स का ये फाइटर प्लेन सीधे ढाका के एक कॉलेज में जाकर गिरा, जिसमें पाइलट समेत कई छात्रों की मौत हो गई. चौंकाने वाली बात ये है कि जिस जगह ये हादसा हुआ, उससे कुछ ही किलोमीटर दूर बांग्लादेश का मशहूर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम है, जहां कुछ ही घंटों पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच टी20 मैच खेला गया था.

सोमवार 21 जुलाई को ढाका के उत्तरा परिसर में मौजूद माइलस्टोन कॉलेज में ये दर्दनाक हादसा हुआ. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के बने हुए इस फाइटर प्लेन के क्रैश में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए. इस हादसे के बाद से पूरे बांग्लादेश में शोक का माहौल है. इस हादसे ने इसलिए भी रोंगटे खड़े कर दिए क्योंकि माइलस्टोन कॉलेज से कुछ ही दूर शेर-ए-बांग्ला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम है.

मीरपुर स्टेडियम से इतनी दूर हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, हादसे की जगह से महज 11 किलोमीटर दूर ही मीरपुर में ये स्टेडियम बना हुआ है, जहां पिछले कई सालों से इंटरनेशनल क्रिकेट का आयोजन हो रहा है. इसी मैदान पर रविवार 20 जुलाई की रात बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच टी20 सीरीज का पहला मैच हुआ था. सिर्फ इतना ही नहीं, इसी मैदान पर मंगलवार 22 जुलाई को फिर से दोनों टीम के बीच मुकाबला होना है.

बांग्लादेश-पाकिस्तान ने लिया फैसला

फाइटर जेट की रफ्तार को देखते हुए 11 किलोमीटर की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है. ऐसे में अगर जेट कुछ और दूर जाकर गिरता तो स्टेडियम इसका निशाना बन सकता था और इस हादसे की स्थिति और भयानक हो सकती थी. हालांकि, इस घटना के बावजूद बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच मंगलवार को दूसरा टी20 मैच खेला जाएगा. दोनों टीम ने ये जरूर तय किया है कि हादसे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए मैच से पहले मैदान पर एक मिनट का मौन रखा जाएगा. साथ ही दोनों टीम इस मैच के दौरान हाथ पर काली पट्टी बांधकर उतरेंगी.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।