लोड हो रहा है...

अलास्का में 6.2 और तजाकिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप किया गया महसूस

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जूनो. अलास्का और ताजिकिस्तान दोनों देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। अलास्का में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया, जबकि ताजिकिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। सोमवार को अलास्का में भारतीय समयानुसार, सुबह 03:58:02 बजे 6.2 तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ( NCS) के अनुसार, भूकंप की गहराई 48 किमी थी। इसका केंद्र 54.99 उत्तरी अक्षांश और 159.98 पश्चिमी देशांतर पर अलास्का प्रायद्वीप में स्थित था।

इससे पहले 17 जुलाई को भी अलास्का में रिक्टर पैमाने पर 7.3 तीव्रता का एक बड़ा भूकंप आया था। यह भूकंप भारतीय समयानुसार, सुबह 02:07:42 बजे आया था और इसकी गहराई 36 किमी थी। इसका केंद्र 54.91 उत्तरी अक्षांश और 160.56 पश्चिमी देशांतर पर अलास्का प्रायद्वीप में स्थित था। यूएस सुनामी चेतावनी प्रणाली के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में आए भूकंप के बाद अलास्का के तटीय हिस्सों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई थी।

ताजिकिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप

वहीं, ताजिकिस्तान में सोमवार को भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भारतीय समयानुसार, ताजिकिस्तान में सुबह 04:43:29 बजे 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप की गहराई 23 किमी थी, जिससे आफ्टरशॉक की संभावना बनी रहती है। इसका केंद्र 37.39 उत्तरी अक्षांश और 72.58 पूर्वी देशांतर पर ताजिकिस्तान में स्थित था।

इससे पहले, रविवार, 20 जुलाई को भी ताजिकिस्तान में भारतीय समयानुसार, सुबह 01:01:55 बजे 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप की गहराई 160 किमी थी। 18 जुलाई को 3.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई 10 किमी थी। इसके अलावा, 12 जुलाई को भी दो भूकंपों के झटके महसूस किए गए थे, जिनकी तीव्रता क्रमशः 4.8 और 4.2 थी।

- Advertisement -

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।