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अभिनेता दर्शन कुमार ने अपनी आने वाली फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के अचानक रद्द होने पर दी कड़ी प्रतिक्रिया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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– यह इवेंट कोलकाता में होने वाला था। अपनी बहुमुखी प्रतिभा और दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले दर्शन ने इस घटना पर निराशा व्यक्त करते हुए इसे “दिल दुखाने वाला और चौंकाने वाला” बताया

मुंबई, अगस्त 2025: दर्शन कुमार ने कहा, “सिनेमा हमेशा से सिर्फ मनोरंजन से बढ़कर रहा है। यह एक कला है, समाज का आईना है, और गहरी भावनाओं, विचारों और सच्चाइयों को व्यक्त करने का एक तरीका है। प्राचीन काल से ही कहानियाँ हमें जोड़ती रही हैं, चुनौती देती रही हैं और हमें प्रेरित करती रही हैं। जैसा कि कहा जाता है, ‘किसी भी किताब को उसके कवर से नहीं आंकना चाहिए’,यह बात फिल्मों पर भी लागू होती है। फिल्म का टाइटल सिर्फ शुरुआत होती है; असली मतलब तो पर्दे पर ही सामने आता है।”

उन्होंने दर्शकों से आग्रह किया कि वे किसी भी नतीजे पर पहुँचने से पहले फिल्म को खुले दिल और दिमाग से देखें। उन्होंने आगे कहा, “यह सही है कि किसी भी कहानी को पूरा देखे और सुने जाने के बाद ही उसका मूल्यांकन किया जाना चाहिए। इसीलिए कोलकाता में हमारे ट्रेलर को लॉन्च करने का मौका नहीं दिए जाने से हमें सच में बहुत दुख हुआ और यह चौंकाने वाला था। एक कलाकार के रूप में, हम अपने काम में अपना दिल और जान लगा देते हैं, मैंने कई महीनों तक शिवा पंडित के किरदार को जिया है। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि हमें अपना काम पेश करने, उसे खुले तौर पर साझा करने और दर्शकों को खुद फैसला लेने की आजादी मिले। कला को एक मंच मिलना चाहिए, खामोशी नहीं।”

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दर्शन कुमार बॉबी देओल के साथ अपनी बहुचर्चित वेब सीरीज ‘आश्रम’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं और ‘द फैमिली मैन’ के नए सीज़न की रिलीज़ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिससे एक दमदार और बहुमुखी अभिनेता के रूप में उनकी पहचान और भी मजबूत हुई है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।