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विजिलेंस टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी के घर मारा छापा, मिला भारी मात्रा में कैश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार के बेतिया में गुरुवार के दिन जिला शिक्षा अधिकारी के आवास पर विजिलेंस की छापेमारी चल रही है. बेतिया में अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की शिकायत मिली है , जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने छापेमारी की है. छापेमारी से जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. पटना से पहुंची विजिलेंस की टीम सुबह से जिला शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण के किराए के मकान में रेड की है. साथ ही शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण से पूछताछ कर रही है. रेड के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ है.

करोड़ो में कैश हुआ बरामद

रजनीकांत प्रवीण मुफस्सिल थाना क्षेत्र में स्थित बसंत बिहार मोहल्ले में किराए के घर में रहते हैं, जहां छापेमारी चल रही है. साथ ही टीम उनके घर पर कई घंटों से पूछताछ कर रही है. बताया जा रहा है कि करोड़ो में कैश बरामद हुआ है. घर के अंदर पुलिस बल तैनात है. मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण के कई ठिकानों पर पुलिस और विजिलेंस की टीम रेड कर रही है. बेतिया के अलावा अन्य ठिकानों पर हो रही छापेमारी में क्या कुछ मिला है अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. फिलहाल इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है.

3 साल से जिला में DEO के पद पर हैं पदस्थापित

जानकारी के मुताबिक विजिलेंस की टीम ने स्थानीय पुलिस से शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण के आवास पर नोट गिनने वाली मशीन मंगाई गई है. डीईओ के घर पर विजिलेंस की सुबह से रेड चल रही है. बेतिया जिला शिक्षा अधिकारी पर आरोप है कि अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की शिकायत मिली, जिस मामले में विजिलेंस की टीम ने रेड डाली है. जिला शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण लगभग 3 साल से जिला में DEO के पद पर पदस्थापित हैं.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।