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पुलिस के बलूचों पर गोली चलाने के बाद हुए संघर्ष में 4 पुलिसकर्मियों सहित 8 की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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क्वेटा. पाकिस्तान और बलूचिस्तान के बीच संघर्ष और अधिक व्यापक हो गया है। पुलिस और जनता के बीच हुए संघर्ष में 4 पुलिसकर्मियों समेत 8 लोग मारे गए हैं। इनमें से 4 मजदूर भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बलूचिस्तान प्रांत में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने अलग-अलग घटनाओं में चार पुलिसकर्मियों और चार मजदूरों को मौत के घाट उतार दिया। नोश्की शहर के गरीबाबाद इलाके में शनिवार को पहली घटना हुई, जहां गश्त कर रहे पुलिस दल पर मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी कर दी, जिसमें चार पुलिसकर्मी मारे गए।

पुलिस ने सीधे प्रदर्शनकारियों के सिर में मारी गोली

बलूचिस्तान पोस्ट द्वारा शेयर की गई एक वीडियो के अनुसार पाकिस्तान के क्वेटा में पुलिस द्वारा सीधे प्रदर्शनकारियों के सिर में गोली मारने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस सीधे गोलीबारी करते दिख रही है। बलूचिस्तान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई प्रत्यक्ष गोलीबारी के परिणामस्वरूप घायल हुए हैं, जबकि पांच लोगों के मारे जाने की खबर है। हालांकि आधिकारिक रूप से 4 मजदूरों के मौत की बात कही गई है।

पंजाब प्रांत में 4 मजदूरों की मौत

कलात के मंगोचर शहर के मलंगजई इलाके में दूसरा हमला हुआ, जिसमें पंजाब प्रांत के चार मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारी हाशिम खान ने मीडिया को बताया कि पुलिसकर्मियों के शवों को अस्पताल भेज दिया गया है तथा पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश में अभियान शुरू कर दिया है। कलात के पुलिस उपायुक्त जमील बलूच ने बताया कि दूसरे हमले की चपेट में आए मजदूर पंजाब प्रांत के सादिकाबाद के रहने वाले थे और वे बोरवेल की खुदाई का काम करते थे। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

बीवाईसी ने तेज किया प्रदर्शन

बलूचिस्तान में ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब ‘बलूच यकजहती कमेटी’ (बीवाईसी) द्वारा आहूत प्रदर्शन के कारण प्रांत में स्थिति तनावपूर्ण है। बीवाईसी द्वारा आहूत प्रदर्शन के कारण रविवार को प्रांत के कई हिस्से बंद रहे। पुलिस ने क्षेत्र में चक्का जाम करने और प्रतिष्ठानों को बंद करवाने के आरोप में बीवाईसी के केंद्रीय नेताओं को शनिवार से गिरफ्तार करना शुरू कर दिया था। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने हमलों की निंदा करते हुए इसे ‘‘आतंकवाद का क्रूर कृत्य” करार दिया।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।