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डोनाल्ड ट्रंप गाजा और सीरिया पर इजरायल से हुए नाराज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में इजरायल द्वारा गाजा में एक चर्च पर और सीरिया में किए गए हमलों को लेकर नाराज हैं। इसे लेकर ट्रंप ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात भी की और उनसे ‘हालात सुधारने’ को कहा है। दरअसल बीते गुरुवार को इजरायल ने गाजा में एक कैथोलिक चर्च पर हमला किया था, जिस पर ट्रंप ने तुरंत नाराजगी जाहिर की थी। साथ ही ट्रंप ने इजरायली पीएम को फोन कर एक बयान जारी करने को कहा, जिसमें चर्च पर हमले को एक गलती बताने को कहा गया था। नेतन्याहू ने ऐसा किया भी था।

चर्च पर हमले से नाराज ट्रंप

ट्रंप, इजरायल के सीरिया पर हमले से भी खुश नहीं हैं। दरअसल बीते दिनों जब ट्रंप ने सऊदी अरब का दौरा किया था, तो उस वक्त सीरिया के नेता अहमद अल शरा ने राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात में सीरिया में स्थिरता लाने पर बात हुई थी। यही वजह रही कि इजरायल के सीरिया पर हमले ने ट्रंप को नाराज कर दिया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि ‘राष्ट्रपति ट्रंप के इजरायली पीएम के साथ अच्छे संबंध हैं और दोनों लगातार संपर्क में रहते हैं, लेकिन गाजा में एक चर्च पर और सीरिया पर हमले से राष्ट्रपति अचंभित रह गए। दोनों मामलों में राष्ट्रपति ने इजरायली पीएम से तुरंत हालात सुधारने को कहा।’

ट्रंप और नेतन्याहू का आपसी रिश्ता थोड़ा जटिल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजरायल भले ही करीबी सहयोगी हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का आपसी रिश्ता बेहद जटिल है। दोनों के बीच ऐसा वक्त आता रहा है, जब आपसी विश्वास कम हुआ है। हालांकि इसके बावजूद दोनों नेता बीते माह ईरान के खिलाफ हमले के समय एकजुट दिखाई दिए थे। हालांकि दोनों का निजी रिश्ता कोई बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। दरअसल ट्रंप को उम्मीद थी कि नेतन्याहू के हालिया अमेरिका दौरे के समय गाजा में युद्धविराम समझौते पर सहमति बन जाएगी। ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव के समय ही गाजा में युद्धविराम कराने का वादा किया था। हालांकि अब तक ट्रंप इसमें सफल नहीं हुए हैं।

ट्रंप की बार-बार कोशिशों के बाद भी इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम समझौता नहीं हो पा रहा है। हालिया अमेरिका दौरे पर भी नेतन्याहू बिना कोई एलान किए ही वापस लौट गए थे, इससे भी ट्रंप खुश नहीं हैं। इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम समझौते को लेकर बातचीत जारी हैं, लेकिन कई कोशिशों के बाद भी सहमति नहीं बन पाई है।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।