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भारत पर टैरिफ की आलोचना करने के कारण अमेरिका के पूर्व एनएसए के घर एफबीआई की रेड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वाशिंगटन. अमेरिका में अचानक से राजनीतिक उथल-पुथल मच गया है। FBI ने पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत रह चुके जॉन बोल्टन के घर पर छापेमारी की है। मामला उनकी किताब ‘The Room Where It Happened’ में गुप्त सूचनाओं के खुलासे से जुड़ा बताया जा रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 7 बजे के करीब एफबीआई एजेंट्स ने मैरीलैंड के बेथेस्डा इलाके में बोल्टन के घर पर छापा मारा।

FBI डायरेक्टर ने क्या कहा?

यह कार्रवाई एफबीआई के डायरेक्टर काश पटेल के आदेश पर की गई है। छापे के बाद काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। एफबीआई एजेंट्स मिशन पर हैं।” बता दें, बोल्टन डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे। लेकिन ट्रंप से मतभेद के बाद से वे लगातार उनकी नीतियों की आलोचना करते रहे हैं।

कब का है मामला?

यह पूरा मामला बोल्टन की 2020 में आई किताब से जुड़ा है। किताब में ट्रंप प्रशासन के दौरान की कई गोपनीय बातें लिखी गई थीं। ट्रंप ने इसकी रिलीज रोकने की भी कोशिश की थी, लेकिन किताब छप गई थी।

क्या है आरोप?

सितंबर 2020 में ट्रंप सरकार के न्याय विभाग ने इस किताब को लेकर जांच शुरू की थी। अब इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए एफबीआई ने छापेमारी की है। बोल्टन पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियां सार्वजनिक कर दी।

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ट्रंप की आलोचना

हाल ही में बोल्टन ने ट्रंप के उस बयान पर टिप्पणी की थी, जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया था। बोल्टन ने कहा था कि यह सिर्फ ट्रंप की आदत है कि वह हर चीज का श्रेय लेना चाहते हैं। इसका भारत से कोई लेना-देना नहीं है।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।