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पंजाबी हास्य अभिनेता जसविंदर भल्ला का 65 वर्ष की आयु में निधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से दुखद खबर सामने आ रही है. कई बड़ी पंजाबी फिल्मों का हिस्सा रहे एक्टर-कॉमेडियन जसविंदर भल्ला का 65 साल की उम्र में निधन हो गया है. वे अपनी कॉमिक टाइमिंग और खास स्टाइल के लिए काफी मशहूर थे और दुनियाभर के फैंस की पसंद थे. उनके निधन से पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री शोक में डूबी हुई है. एक्टर ने अपने 27 साल के करियर में कई पंजाबी फिल्मों में काम किया.

कॉमेडियन की बात करें तो वे बीमार थे और मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में एडमिट था. यहां इलाज के दौरान 65 वर्षीय कॉमेडियन ने अंतिम सांस ली. उनके निधन के बाद से उनके घर के बाहर सितारों और प्रशंसकों की भीड़ लगी हुई है. फैंस इस मौके पर काफी इमोशनल हैं और अपने फेवरेट कॉमेडियन का अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं. सोर्स की मानें तो कॉमेडियन का अंतिम संस्कार 23 अगस्त को दोपहर 12 बजे मोहाली के बलोंगी श्मशान घाट में होगा.

27 साल का रहा फिल्मी सफर

जसविंदर भल्ला की बात करें तो उनका नाम पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है. उनका जन्म 4 मई 1960 को लुधियाना में हुआ था. उनके पिता प्राइमरी स्कूल के टीचर थे. साल 1988 में छन्नकटा 88 से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी और साल 1998 में 10 साल के बाद दुल्ला भाटी फिल्म से उन्होंने अपना फिल्मी करियर शुरू किया था. इसके बाद वे 1999 में फिल्म माहौल ठीक है में इंस्पेक्टर जसविंदर भल्ला के रोल में नजर आए थे.

कई बड़ी फिल्मों का रहे हिस्सा

फिर उन्होंने सरदार जी, जिन्ने मेरा दिल लुटिया, जट एंड जूलियट, पावर कट, कैरी ऑन जट्टा, सरदार जी, मुंडे कमाल दे, किटी पार्टी और कैरी ऑन जट्टा 3 जैसी फिल्में की हैं. वे दिलजीत दोसांझ जैसे बड़े स्टार्स के साथ भी कई बड़ी फिल्मों में नजर आए हैं. उनके निधन से सभी काफी दुखी हैं और उनके शानदार काम को याद कर रहे हैं. 23 अगस्त को उनके अंतिम संस्कार के मौके पर भी एक्टर को अंतिम विदाई देने के लिए भारी भीड़ के जुटने की संभावना है.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।