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पाकिस्तान 5 विकेट से जीता, खराब गेंदबाजी के कारण हारा श्रीलंका

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

दुबई. एशिया कप के सुपर 4 राउंड में  श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में पहले पाकिस्तान ने टॉस जीतकर श्रीलंका को बल्लेबाजी करने का न्योता दिया था. पाकिस्तान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका को 133 रनों पर रोक दिया. जवाब में पाकिस्तान ने ये मुकाबला 5 विकेट से जीत लिया है. पाकिस्तान के लिए हुसैन तलत ने 32 और मोहम्मद नवाज ने 38 रनों की मैच विनिंग पारी खेली.

दोनों ही बल्लेबाजों ने हार के मुंह से मैच निकालते हुए पाकिस्तान को टूर्नामेंट में जिंदा रखने का काम किया.इसी के साथ श्रीलंका टूर्नामेंट से लगभग बाहर हो चुकी है. श्रीलंका की बल्लेबाजी बेहद खराब रही. कमिंडु मेंडिस को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज नहीं चल सका. पाकिस्तान की ओर से शाहीन शाह अफरीदी ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके. साथ ही हारिस रउफ ने 2 और हुसैन तलत को भी 2 सफलता मिली. लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान ने पावरप्ले में बेहतरीन प्रदर्शन किया. हालांकि पावरप्ले खत्म होते ही पाकिस्तान ने अपना असली रंग दिखाया और 1 के बाद 1 विकेट गवाती चली गई.लेकिन पाकिस्तान की तरफ से हुसैन तलत और मोहम्मद नवाज ने पारी को संभालते हुए हारे हुए मुकाबले में जीत दिला दी.

बात करें अगर श्रीलंका की टीम की तो वो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों छोर से मजबूत दिख रही है. वहीं, पाकिस्तान टीम की बल्लेबाजी तो ठीक है, लेकिन गेंदबाजी काफी खराब नजर आ रही है. भारत के खिलाफ मैच में भी उनकी जमकर पिटाई हुई थी. उनके मेन गेंदबाज शाहिन शाह अफरीदी आउट ऑफ फॉर्म नजर आ रहे हैं.

श्रीलंका की खराब गेंदबाजी

बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेले गए मुकाबले में श्रीलंका की गेंदबाजी बेहद खराब रही थी. वानिंदु हसरंगा को छोड़कर सभी गेंदबाजों की जमकर हुई पिटाई थी. हसरंगा ने अपनी टीम को जिताने के लिए पूरा जोर लगा लिया था, लेकिन वो श्रीलंका को जीत नहीं दिला पाए.

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।