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हास्य अभिनेता राजपाल यादव के पिता का निधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव (Rajpal Yadav) काफी समय से सुर्खियों में चल रहे हैं. बीते दिन राजपाल यादव समेत कपिल शर्मा (Kapil Sharma) और अन्य सिलेब्रिटीज को धमकी भरा मेल आया था. जिसके बाद यह एक्टर सुर्खियों में आ गया. राजपाल यादव किसी न किसी वजह से लाइमलाइट में बने ही रहते हैं. अब राजपाल यादव से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. राजपाल यादव ने अपने पिता को खो दिया है, उनका निधन हो गया है.

एक्टर के पिता का हुआ निधन

एक्टर राजपाल यादव के पिता नौरंग यादव (Naurang Yadav) का निधन हो गया है. राजपाल के पिता काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. जहां दिल्ली के एम्स में उनका इलाज चल रहा था. जहां एक्टर के पिता ने अंतिम सांस ली. जब राजपाल के पिता ने आखिरी सांस ली उस वक्त एक्टर थाईलैंड में थे. यह खबर सुनते ही राजपाल दिल्ली के लिए रवाना हो गए. एक्टर के पिता के निधन की खबर सुनकर उनके फैंस चौक गए.  जहां सोशल मीडिया पर राजपाल के चाहने वाले उनके पिता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं एक्टर

एक्टर राजपाल यादव उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले हैं. जहां उनके पिता का अंतिम संस्कार किया जाएगा. सालों मेहनत करने के बाद राजपाल यादव ने बॉलीवुड में एक अलग ही मुकाम हासिल किया. एक दौर था जब उन्होंने कॉमेडी किरदार में अच्छे-अच्छे एक्टर्स को पीछे कर दिया था. वहीं बीते दिनों कपिल शर्मा सहित एक्टर को जान से मारने की धमकी मिली थी. जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी. एक्टर के फैंस उनकी आने वाली फिल्म का काफी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. बता दें, एक्टर आखिरी बार फिल्म भूल भुलैया 3 (Bhool Bhulaiyaa 3) में दिखाई दिए थे.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।