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नेपाल और ताजिकिस्तान में महसूस किये गए भूकंप के हलके झटके

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

काठमांडू. भारत के पड़ोसी देशों में एक के बाद एक लगाताप भूकंप की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। चीन, नेपाल में हाल ही में भूकंप की घटनाएं तेज हो गई हैं। वहीं, म्यांमार में हाल ही में आए भूकंप ने तो हजारों लोगों की जान ले ली थी। भूकंप की लगातार बढ़ती घटनाओं ने लोगों के मन में खौफ भर दिया है। अब गुरुवार-शुक्रवार की देर रात को नेपाल में लोगों को एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए हैं। आइए जानते हैं कितनी थी इस भूकंप की तीव्रता।

कितनी रही भूकंप की तीव्रता?

नेशनल सेंटर फोर सिस्मोलॉजी ने नेपाल में देर रात आए इस भूकंप के बारे में जानकारी दी है। नेपाल में ये भूकंप देर रात 1 बजकर 33 मिनट पर आया है। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई है। इस भूकंप का केंद्र धरती से 10 किलोमीटर था। अब तक भूकंप के कारण किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

ताजिकिस्तान में भी भूकंप

नेशनल सेंटर फोर सिस्मोलॉजी ने जानकारी दी है कि ताजिकिस्तान में भी शुक्रवार को सुबह-सुबह भूकंप के झटके लगे हैं। इस भूकंप का केंद्र धरती के धरती के 10 किलोमीटर भीतर था। ताजिकिस्तान में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.9 मापी गई है। भूकंप सुबह-सुबह 4 बजकर 21 मिनट पर आया।

क्यों आते हैं भूकंप?

दुनियाभर में वर्तमान समय में भूकंप की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, ये प्लेट्स कई बार फॉल्ट लाइन पर टकराती हैं, जिससे घर्षण पैदा होता है। इस घर्षण से निकली ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता तलाशती हैं। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।