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ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्र चरनप्रीत सिंह पर नस्लीय हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर में एक 23 वर्षीय भारतीय छात्र चरनप्रीत सिंह पर नस्लीय हमले का मामला सामने आया है. यह हमला कथित तौर पर शनिवार, 19 जुलाई की रात लगभग 9:22 बजे उस समय हुआ, जब वे अपनी पत्नी के साथ शहर की लाइट डिस्प्ले देखने निकले थे. दोनों जैसे ही अपनी कार पार्क कर रहे थे, तभी पांच लोगों के एक गिरोह ने उन्हें घेर लिया और बेरहमी से हमला कर दिया.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने एक अन्य गाड़ी से उतरकर अचानक हमला किया. हमलावरों के हाथ में नुकीली चीजें थीं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिख रहा है कि हमलावर नस्लीय अपशब्द चिल्लाते हुए चरनप्रीत पर लात-घूंसे बरसा रहे हैं. हमले के बाद चरनप्रीत सड़क पर बेहोश हो गए. उन्हें सिर में गंभीर चोटें आई हैं और चेहरे की कई हड्डियां टूट गई हैं. उन्होंने एडिलेड के एक अस्पताल में भर्ती होने के बाद 9News को बताया कि यह घटना पहले पार्किंग विवाद जैसी लगी, लेकिन जल्द ही यह एक खुला नस्लीय हमला बन गया.

पुलिस ने एक हमलावर को किया गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में 20 वर्षीय एक हमलावर को एन्फील्ड इलाके से गिरफ्तार किया है. बाकी आरोपी अभी फरार हैं. पुलिस ने आम लोगों से मदद की अपील की है और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है.

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के बीच भारी आक्रोश

इस हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के बीच भारी आक्रोश फैल गया है. सोशल मीडिया पर चरनप्रीत के समर्थन में लोग सामने आए हैं और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं.

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दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के मुख्यमंत्री पीटर मलीनॉस्कस ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “नस्लीय हमले का कोई भी प्रमाण हमारे राज्य में अस्वीकार्य है और यह हमारी समाज की सोच के बिल्कुल विपरीत है.”

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।