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ईडी ने कर्नाटक से कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र को अवैध सट्टेबाजी में किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

बेंगलुरु. कर्नाटक में कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है. विधायक वीरेंद्र को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है. शुक्रवार को ED ने वीरेंद्र के कई ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी. इस दौरान 12 करोड़ से ज्यादा कैश और सोना चांदी बरामद हुआ था. इसके साथ ही एक करोड़ से ज्यादा विदेश करेंसी बरामद की गई है. बेंगलुरु की प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 22 और 23 अगस्त को देशभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यह मामला कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के विधायक के.सी. वीरेंद्र और उनके करीबियों से जुड़ा हुआ है.

छापेमारी के दौरान 12 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीमों ने एक साथ 31 जगहों पर छापेमारी की, जिनमें गंगटोक, चित्रदुर्ग, बेंगलुरु, हुबली, जोधपुर, मुंबई और गोवा शामिल हैं. गोवा में भी ईडी ने पांच बड़े कैसीनो पपीज़ कैसिनो गोल्ड, ओशन रिवर्स कैसीनो, पपीज़ कैसिनो प्राइड, ओशन 7 कैसीनो और बिग डैडी कैसिनो पर तलाशी ली. छापेमारी के दौरान ईडी को करीब 12 करोड़ रुपये नकद, जिसमें 1 करोड़ रुपये विदेशी करंसी भी शामिल है, लगभग 6 करोड़ रुपये का सोना, 10 किलो चांदी और चार लग्जरी गाड़ियां मिलीं हैं. इसके अलावा 17 बैंक खाते और 2 लॉकर भी फ्रीज कर दिए गए हैं.

बेटिंग साइट्स से कमाया पैसा

जांच में सामने आया है कि विधायक वीरेंद्र कई ऑनलाइन बेटिंग साइट्स जैसे King567 और Raja567 चला रहे थे. उनका भाई के.सी. थिप्पेस्वामी दुबई से तीन कंपनियांडायमंड सॉफ्टेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज और प्राइम 9 टेक्नोलॉजीज के ज़रिए यह धंधा संभाल रहा था. वहीं, एक और भाई के.सी. नागराज और उसका बेटा पृथ्वी एन. राज भी इस काम में शामिल बताए जा रहे हैं.

गंगटोक से कांग्रेस विधायक गिरफ्तार

ईडी को छापों के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और सबूत भी मिले हैं, जिनसे यह साफ हुआ है कि अवैध कमाई को अलग-अलग लेयरिंग के जरिए सफेद दिखाने की कोशिश की जा रही थी. जानकारी के मुताबिक, हाल ही में वीरेंद्र अपने साथियों के साथ गंगटोक भी गए थे, जहां वे एक लैंड कैसिनो लीज पर लेने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान ईडी ने उन्हें गंगटोक से गिरफ्तार किया. शनिवार को उन्हें स्थानीय कोर्ट में पेश कर ईडी ने बेंगलुरु कोर्ट ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल कर लिया.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।