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बाबा नीम करोली महाराज के जीवन पर निर्मित फिल्म का पोस्टर लांच किया गया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. बाबा नीम करोली महाराज पर निर्मित भावपूर्ण फिल्म का आज राय उमानाथ बली सभागार लखनऊ में पोस्टर लांच किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  जयवीर सिंह एवं प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक पद्मश्री मधुर भंडारकर उपस्थित थे। इसके अलावा संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मांडवी सिंह, जयसिंह पुंडीर, जिला जज अलीगढ़ आदि उपस्थित थे। यह फिल्म दिसम्बर माह में रिलीज होगी और आम जनता को सिनेमाघरों में देखने को मिलेगी। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सिंह ने फिल्म की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। साथ ही फिल्म के निर्देशक एवं इसके निर्माण से जुड़ी टीम को भी उन्होंने बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि बाबा नीम करोली के देश व विदेश में तमाम भक्त हैं। इस फिल्म के माध्यम से इनको बाबा का महात्मय एवं उनके जीवन से जुड़ी आश्चर्यजनक प्रसंग देखने को मिलेगें। उन्हें बजरंग बली का अवतार भी कहा जाता है। इस अवसर पर महाराज जी का किरदार निभाने वाले सुबोध भावे, महाराज जी के युवावस्था का किरदार रोहित गुप्ता ने, सिद्धि मां का के रूप में समीक्षा भटनागर, फिल्म जगत के जाने-माने नाम हितेन तेजवानी ने रब्बुदा का किरदार निभाया। गोपाल की भूमिका डा की गौरी शंकर ने साथ में थी सौम्या सिंह। फिल्म का चित्रांकन किया कार्तिक मल्लूर ने। फिल्म स्क्रिप्ट डायलॉग राइटर डॉ कविता रायजादा और अनीशा सभी को स्मृति जैन शॉल और बुके देखकर सम्मानित किया गया।

अनीशा फिल्म इंटरनेशनल, पी सी ज्वैलर्स, बी एस आर फिल्म्स इंटरनेशनल के बैनर तले इस फिल्म के पोस्टर विमोचन का संचालन किया फिल्म स्क्रिप्ट डायलॉग राइटर डॉक्टर कविता रायजादा द्वारा किया गया। इस अवसर पर अशोक सिंह, संकरी सिंह, प्रदीप सिंह बब्लू, सरद सिंह ठाकुर, आनंद द्विवेदी आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।

SHABD, September 24, 2025

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।