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पीयूष गोयल ने लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल तथा जर्मन व्यापार जगत के प्रमुखों से मुलाकात की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने लक्जमबर्ग के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश एवं व्यापार मंत्री श्री जेवियर बेटेल से मुलाकात की। इससे पहले, 23 अक्टूबर 2025 को उन्‍होंने जर्मन संघीय आर्थिक मामलों एवं ऊर्जा मंत्रालय और संघीय चांसलरी में उच्च-स्तरीय बैठक की थी। दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों में प्रगति की समीक्षा की और द्विपक्षीय व्यापार एवं व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने भारत की आगामी राजकीय यात्रा के साथ-साथ क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।

श्री गोयल ने प्रमुख जर्मन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ भी चर्चा की। उन्होंने इन्फिनियॉन टेक्नोलॉजीज एजी के सीईओ जोचेन हानेबेक, शेफलर ग्रुप के सीईओ क्लॉस रोसेनफेल्ड, रेन्क व्हीकल मोबिलिटी के सीईओ माइकल मसूर, हेरेनक्नेच्ट एजी के सीईओ मार्टिन हेरेनक्नेच्ट, एनरट्रैग के बोर्ड सदस्य टोबियास बिशॉफ-नीम्ज और मर्सिडीज-बेंज के सीईओ ओला कैलेनियस से मुलाकात की।

बैठक में भारतीय और जर्मन कंपनियों के बीच खासकर रक्षा, ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियों और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तालमेल और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। व्यापार प्रमुखों ने भारत में कारोबार के लिए अपने आशावादी दृष्टिकोण और अपनी आर्थिक साझेदारियों को और मजबूत करने की इच्‍छा व्‍यक्‍त की।

श्री गोयल आज बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में वैश्विक व्यापार पर एक उच्च स्तरीय पैनल में शामिल होंगे और जर्मन व्यवसायों और उद्योग संघों के प्रमुखों के साथ अपनी बातचीत जारी रखेंगे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।